Latest Updates
-
Mother’s Day 2026: इस मदर्स डे मां को दें स्टाइल और खूबसूरती का तोहफा, ये ट्रेंडी साड़ियां जीत लेंगी उनका दिल -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर से बचने के लिए महिलाएं करें ये काम, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, तुरंत करवाएं जांच -
World Thalassemia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस? जानें इसका महत्व और इस साल की थीम -
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार
सूर्य ग्रहण 13 जुलाई, 2018: इस दौरान भूल कर भी ना करें ये काम

जब सूर्य और पृथ्वी के बीच चन्द्रमा आ जाता है तब सूर्य की चमकीली सतह दिखाई नहीं पड़ती। चन्द्रमा की वजह से सूर्य ढक जाता है तब इस खगोलीय घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। सूर्य ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं पूर्ण सूर्य ग्रहण, आंशिक सूर्य ग्रहण और वलय सूर्य ग्रहण।
इस बार सूर्य ग्रहण 13 जुलाई, 2018, शुक्रवार को है। यह ग्रहण सुबह 7:13 मिनट से शुरू होकर 8:13 मिनट पर समाप्त हो जाएगा।

हमारे शास्त्रों में भी इस बात का उल्लेख मिलता है कि कुछ कार्य ऐसे होते है जिन्हें ग्रहण के दौरान करना वर्जित माना गया है। आइए विस्तार से जानते हैं सूर्य ग्रहण के बारे में।
सूर्य ग्रहण के प्रकार
1. जब सूर्य का सिर्फ एक भाग नहीं दिखता तब उसे आंशिक सूर्य ग्रहण कहते हैं।
2. जब सूर्य पूर्ण रूप से चन्द्रमा के पीछे होता है तब उसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहते हैं यह ग्रहण अमावस्या के दिन ही होता है।
3. वलय सूर्य ग्रहण के समय चन्द्रमा सूर्य को इस प्रकार से ढक लेता है कि सूर्य का केवल मध्य भाग ही छाया क्षेत्र में आता है। सूर्य की बाहरी सतह प्रकाशित होने के कारण कंगन के समान दिखाई देती है इसलिए इसे वलय सूर्यग्रहण कहते हैं।
पुराणों में सूर्य ग्रहण को माना गया है अशुभ
हमारे पुराणों में भी इस बात का ज़िक्र किया गया है कि सूर्य ग्रहण अपने साथ दुर्भाग्य लाता है। एक कथा के अनुसार जब पांडव कौरवों से जुए में हार गए थे उस दिन सूर्य ग्रहण था। जब अर्जुन ने कौरवों के सेनापति को मार गिराया था उस दिन भी सूर्य ग्रहण था। इतना ही नहीं जब श्री कृष्ण का राज्य द्वारका पूरी तरह से डूब गया था उस दिन भी सूर्य ग्रहण ही था।
सूर्य देव की पूजा केवल एक देवता के रूप में नहीं की जाती बल्कि उन्हें एक राजा के रूप में भी जाना जाता है और एक राजा के रास्ते में बाधा का अर्थ है कि उसकी समस्त प्रजा भी प्रभावित होगी।
पौराणिक कथाओं में सूर्य ग्रहण का इतिहास
कहते हैं एक बार राहु ने सूर्य देव का रास्ता रोक लिया था जिसके कारण समस्त संसार अन्धकार में डूब गया और चारों ओर हाहाकार मच गया था। तब महर्षि अत्रि ने अपनी दिव्य शक्तियों से राहु को सूर्य देव के रास्ते से हटाया था और फिर से पूरे संसार को रौशनी से भर दिया था। यह सबसे पहला सूर्य ग्रहण माना जाता है।
सूर्य ग्रहण पर क्या करें और क्या न करें
सूर्य ग्रहण वाले दिन जहां कुछ चीज़ें बहुत ही शुभ मानी जाती है वहीं कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जिन्हें भूल कर भी इस दिन नहीं करना चाहिए।
1. सूर्य देव को शक्ति का देवता माना जाता है। इनकी पूजा करने से मनुष्य को सफलता, मान सम्मान, सुख और समृद्धि मिलती है। कहते हैं सूर्य ग्रहण लगने के पश्चात इनके मंत्रों का जाप करना अत्यंत शुभ माना गया है। ऐसा करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। इसके अलावा ध्यान के लिए भी यह समय बहुत ही शुभ माना गया है।
2. हिंदू धर्म के अनुसार ग्रहण काल में सूतक लग जाता है और इस दौरान भगवान के दर्शन करना पाप माना जाता है। यह सूतक ग्रहण के साथ ही समाप्त हो जाता है। ग्रहण समाप्त होने के पश्चात दान ज़रूर करना चाहिए।
3. ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को खास सावधानी बरतनी चाहिए। आप एकांत स्थान पर बैठ जाएं और अपने इष्ट देव का स्मरण करें, पूजा-पाठ करें। यही नहीं आप अपने बुजुर्गों के कहे अनुसार ही कार्य करें।
घर से बाहर न निकले यहां तक कि घर की दहलीज़ लांघने से भी परहेज़ करें। ऐसी धारणा है कि उस वक्त की कुछ किरणें गर्भवती स्त्री पर और उसके होने वाले बच्चे पर खतरनाक असर डाल सकती हैं।
इसके अलावा सिलाई, कढ़ाई, काटने और छीलने जैसे कार्य बिल्कुल भी न करें।
4. खाने पीने की चीज़ों से भी परहेज़ करें ख़ास तौर पर ग्रहण के दौरान सीधे सूर्य के संपर्क में आने वाले फल और सब्ज़ियों को भूल कर भी न खाएं क्योंकि इस तरह की चीज़ों में सूर्य के हानिकारक रेडिएशन्स होते हैं।
5. चाक़ू छूरी का इस्तेमाल न करें।
6. काम वासना से दूर रहें क्योंकि इससे आपके जीवन में नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
7. बुजुर्ग, बच्चों और रोगियों के अलावा घर का कोई भी सदस्य भोजन न करे।
8. किसी भी खाने पीने की वस्तु को खुला न छोड़े, उसमें तुलसी का पत्ता डाल दें।



Click it and Unblock the Notifications