Latest Updates
-
शाम होते-होते फूल जाता है आपका पेट? ये बैली फैट नहीं ब्लोटिंग है, जानें 5 बड़े कारण और सही डाइट -
Jagannath Rath Yatra 2026: पुरी की रथ यात्रा में जा रहे हैं? इन 7 मशहूर लोकल फूड्स का स्वाद लेना न भूलें -
PM मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, जानें स्पीड, रूट और कितना होगा किराया -
Relationship Tips: लाइफ पार्टनर से कभी न बोलें ये 5 बातें, वरना टूट सकता है आपका रिश्ता -
कितने पढ़े-लिखे हैं सोनम वांगचुक और कितनी है उनकी नेट वर्थ? जानें कहां-कहां से होती है कमाई -
Sonam Wangchuk की 20वें दिन भी भूख हड़ताल जारी, बिना खाना खाए कितने दिन जीवित रह सकता है इंसान? -
Jagannath Rath Yatra 2026: कौन हैं भगवान जगन्नाथ की मौसी? जिनसे मिलने के लिए हर साल रथ से निकलते हैं महाप्रभु -
World Emoji Day 2026: क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड इमोजी डे, कैसे पड़ा 'Emoji' नाम? जानिए इसका दिलचस्प इतिहास -
Jagannath Rath Yatra 2026 Wishes: जगन्नाथ रथ यात्रा पर अपनों को भेजें ये दिल छू लेने वाले शुभकामना संदेश -
World Emoji Day: रोज इस्तेमाल करते हैं ये 5 इमोजी, लेकिन 99% लोग नहीं जानते इनका असली मतलब
दशहरे के टोटके, इन उपायों से कटेगें कष्ट और मिलेगी खुशियां

विजयादशमी यानी दशहरा यानी बुराई पर अच्छाई की जीत। इसी दिन भगवान राम ने रावण पर विजय पायी थी। माना जाता है इसी दिन माता दुर्गा ने भी महिषासुर राक्षस का वध किया था।
इस दिन किए गए किसी भी तरह के उपाय या टोटके खाली नहीं जाते है। हम आपको बता रहे हैं दशहरे पर किए जाने वाले कुछ खास उपाय, इन उपायों को करके आप अपनी जिंदगी की कई मुसीबत से छुटकारा पा सकते हैं।

नीलकंठ पक्षी के दर्शन का ये है महत्व द
शहरा पर्व पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन को बेहद शुभ माना जाता है। कहा जाता है विजयदशमी के दिन अगर इस पक्षी के दर्शन हो जाते हैं तो उस व्यक्ति धन-धान्य की प्राप्ति होती है। इसे शुभ मानने का कारण ये है कि भगवान राम ने नीलकंठ के दर्शन के बाद रावण पर विजय प्राप्त की थी।

रावण के पुतले की अस्थि को माना जाता है शुभ
मंगल भवन-इन के आचार्य भास्कर आमेटा बताते हैं कि मान्यताओं के अनुसार, रावण के वध और लंका विजय के प्रमाण स्वरूप श्रीराम सेना लंका की राख अपने साथ ले आई थी, इसी के चलते रावण के पुतले की अस्थियों को घर ले जाने का चलन शुरू हुआ।

शमी के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं
दशहरे के दिन शमी के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से सभी तरह के कोर्ट केस में विजय मिलती है। शमी को अग्नि देव का रूप भी माना जाता है, इसलिए हवन में भी शमी की लकड़ियों का उपयोग किया जाता है। शमी के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
इसके अलावा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार लंका पर विजयी पाने के बाद श्रीराम ने शमी पूजन किया था। नवरात्र में भी मां दुर्गा का पूजन शमी वृक्ष के पत्तों से करने का विधान है। गणेश जी और शनिदेव, दोनों को ही शमी बहुत प्रिय है।

हनुमान जी के दर्शन करें
दशहरे के दिन एक मुट्ठी साबुत उड़द हनुमान जी की प्रतिमा के चरणों में रखकर ग्यारह बार परिक्रमा करें। इस परिक्रमा के समय अपने इच्छा को मन में दोहराएं। परिक्रमा पूर्ण होने पर स्वयं हनुमानजी की मूर्ति के सामने अपनी मनोकामना कहें, फिर उस उड़द में से एक दाना लेकर घर लौट आएं और घर के मंदिर में रख दें।

पान खाएं
पान को जीत का प्रतीक माना गया है, पान का 'बीड़ा' शब्द का एक महत्व यह भी है इस दिन हम सही रास्ते पर चलने का 'बीड़ा' उठाते हैं। पान प्रेम का पर्याय है, दशहरे में रावण दहन के बाद पान का बीड़ा खाने की परम्परा है। ऐसा माना जाता है दशहरे के दिन पान खाकर लोग असत्य पर हुई सत्य की जीत की खुशी मनाते हैं।

कुत्ते और गाय खिलाएं कुछ मीठा
दशहरे के दिन से शुरू करके 51 दिन तक रोजाना कुत्तों और गायों को मीठा लड्डू या बेसन की मिठाई खिलाने से सालभर धन संबंधी किसी तरह की कोई कमी नहीं रहती है।



Click it and Unblock the Notifications