Latest Updates
-
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व -
कभी 75 रुपये में साफ करते थे गाड़ियां, आज कहलाते हैं दिल्ली के खान सर; पढ़ें मनोज गर्ग की सक्सेस स्टोरी -
Sawan 2026: सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना चाहिए या नहीं? जानें ज्योतिष और धार्मिक नियम -
कौन थीं अनन्या राज? 27 साल की उम्र में हुई मौत, एक महीने बाद सामने आई निधन की खबर
जानिए रमज़ान से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें
दुनियाभर में मुस्लिमों की आबादी बहुत ज़्यादा है और मुस्लिम धर्म में रमज़ान के महीने को बहुत पवित्र माना जाता है। रमज़ान का महीना हर मुसलमान के लिए बहुत खास और पवित्र होता है। कहा जाता है कि इस महीने में रोज़ा रखकर मुस्लिम लोग अपनी आत्मा और शरीर का शुद्धिकरण करते हैं।
साल 2018 में रमज़ान का महीना 17 मई से शुरु हो चुका है और ये 16 जून को खत्म होगा। हर क्षेत्र में पूर्णिमा या ईद के चांद के मुताबिक रमज़ान की तारीख अलग-अलग हो सकती है।

रमज़ान के महीने में जिस दिन पूरा चांद दिखाई देता है उसे ईद या ईद-उल-फित्तर कहते हैं। रमज़ान के महीने को दो कारणों से बहुत पवित्र माना जाता है। पहला कारण है कि इस महीने में मुस्लिम पैगंबर मुहम्मद ने अपने शिष्यों को उपदेश दिया था और दूसरा कारण ये है कि ऐसा माना जाता है कि इस महीने में ही पवित्र कुरान लिखी गई थी।
आज हम आपको इस पवित्र रमज़ान के महीने के बारे में और भी कुछ दिलचस्प और अनसुनी बातें बताने जा रहे हैं।
चंद्र कैलेंडर के नौवें महीने में होता है रमज़ान
मुस्लिम धर्म में चंद्र पंचाग का अनुसरण किया जाता है और इस पंचांग के अनुसार नौवें महीने में रमज़ान मनाया जाता है। हम सभी ग्रेगोरियन कैलेंडर का अनुसरण करते हैं और इसलिए प्रत्येक साल में रमज़ान महीने 10 या 11 दिन आगे मनाया जाता है।
इस्लाम के पांच स्तंभ में से एक है रोज़ा
अपने जीवनकाल में मुस्लिमों को पांच चीज़ें ज़रूर करनी होती हैं और इन्हें इस्लाम के पांच स्तंभ कहा गया है। रोज़ा रखना भी इन पांच स्तंभों में से एक है। अन्य चार स्तंभों में दान, प्रार्थना, आस्था और जीवन में एक बार मक्का की यात्रा शामिल है।
रमादान शब्द का मतलब
रमज़ान को रमादान के नाम से भी जाना जाता है। रमादान शब्द का अर्थ है शुष्क मौसम और तपतपाती हुई गर्मी। गर्मी के मौसम में रमज़ान का महीना आता है और इसीलिए इसे रमादान भी कहा गया है।
रमज़ान के नियम
हर मुस्लिम को रोज़ा रखना ज़रूरी होता है। बच्चे या कम उम्र की लड़कियां, गर्भावस्था या माहवारी के कारण महिलाएं रोज़ा नहीं रखती हैं। इसके अलावा अधिक उम्र के बुजुर्ग भी रोज़ा छोड़ सकते हैं। रमज़ान के महीने में किसी की बुराई, अभद्र भाषा का इस्तेमाल या झगड़ा नहीं करना चाहिए। इस पवित्र महीने में धार्मिक और आध्यात्मिक कार्य करने चाहिए। इस पवित्र महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग दान और सामाजिक कार्य करते हैं।
हिलाल देखना
माना जाता है कि रमज़ान का महीना शुरु होने से पहले अर्धचंद्र दिखाई देता है और पूर्णिमा का चांद दिखने के एक दिन बाद रमज़ान का महीना शुरु होता है। इस महीने में चांद का आकार घटता रहता है और अर्धचंद्र होने पर ईद मनाई जाती है। इस अर्धचंद्र को हिलाल कहते हैं और मुस्लिमों में इसे बहुत पवित्र माना गया है।
कुछ देशों में रोज़ा ना रखना है अपराध
कुछ मुस्लिम देशों में सार्वजनिक जगहों पर नाश्ता करना अपराध माना गया है। जो लोग ऐसा करते हैं उन्हें दंड और जुर्माना भरना पड़ता है। गुनाह के आधार पर ही सज़ा निर्धारित की जाती है। इसमें मुस्लिम समुदाय की सेवा से जेल की सजा तक मिल सकती है।



Click it and Unblock the Notifications