Latest Updates
-
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके
Leap Year, 29 February 2020 : क्या होता है लीप ईयर , जाने इससे जुड़े अंधविश्वास और फैक्ट्स
लीप ईयर, हर चार साल बाद आता है। फरवरी जो आमतौर पर 28 दिन की होती है, उसमें लीप ईयर वाले साल में 29 दिन होते हैं। जब ऐसा होता है, उस साल को लीप ईयर और इस दिन (29 फरवरी) को लीप डे कहते हैं। लीप ईयर को हिंदी में अधिवर्ष भी कहते हैं और इस साल में 365 की जगह 366 दिन होते हैं। आइए जानते हैं लीप ईयर से जुड़े मजेदार फैक्ट्स और इससे जुड़े अंधविश्वास के बारे में।

लीप ईयर क्या होता है?
आप सभी को पता है कि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है, जिसके कारण दिन-रात होते हैं और मौसम परिवर्तन होता है। पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा करने में लगभग 365.242 दिन का समय लगता है। एक साल में 365 दिन होते हैं। ऐसे में 0.242 दिन का समय चार वर्ष में जुड़कर एक दिन हो जाता है। यही एक दिन हर चार वर्ष में फरवरी में जुड़ जाता है, जो 28 से 29 दिन का हो जाता है और वह साल 365 के बजाय 366 दिन का हो जाता है। जब भी साल में 366 दिन या फरवरी में 29 दिन आते हैं, तब वह साल लीप ईयर होता है।

लीप ईयर में कितने दिन होते हैं
जो साल लीप ईयर कहलाता है, उसमें सबसे पहले एक लीप डे जुड़ा होता है। यह दिन फरवरी महीने में जुड़ता है, जिससे यह महीना 29 दिन का हो जाता है। यानि पूरा साल के दिनो में एक दिन एक्स्ट्रा हो जाता है, जिससे लीप ईयर में 365+1 यानि 366 दिन होते हैं।

ऐसे देखते हैं लीप ईयर
ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार तीन बातों का पूरा करने पर ही उस साल को लीप इयर माना जाता है-
उस साल को 4 से पूरी तरह विभाजित होना चाहिए। साल को 100 से विभाजित होना चाहिए, लेकिन वो तभी लीप इयर होगा जब वह साल 400 से भी विभाजित होगा। इसका मतलब सन 2000 और 2400 लीप इयर है, जबकि 1800, 1900, 2100, 2200, 2300 और 2500 लीप इयर नहीं है।

लीपर्स कहलाते हैं इस दिन जन्म लेने वाले बच्चे
लीप ईयर यानी 29 फरवरी में पैदा होने वाले बच्चों को लीपलिंग्स या लीपर्स कहते हैं। एक बच्चे का लीप डे में पैदा होने की संभावना 1,461 में एक होती है। दुनियाभर में करीब 50 लाख लीपलिंग्स हैं। कुछ लोगों का मानना है कि इस दिन पैदा होने वाले बच्चे असामान्य प्रतिभा, व्यक्तित्व और विशेष शक्तियों के मालिक होते हैं। आमतौर पर वे लोग अपना जन्म दिन 28 फरवरी या 1 मार्च को मनाते हैं।

यूरोप में माना जाता है अशुभ
यूरोप के कई हिस्सों जैसे स्कॉटलैंड, गीस और इटली में लीप ईयर को अशुभ माना जाता है। ग्रीस में लीप ईयर में पांच में से एक कपल लीप ईयर में शादी से परहेज करता है।

नहीं करते है शुभ काम
यूरोप में ग्रीस और इटली में लीप ईयर में नया घर, कार और कोई भी शुभ कार्य करने से बचते हैं। यहां मानते हैं कि कोई नया शुभ काम करने से अगले एक वर्ष तक अशुभ होता है।

आयरिश मानते हैं लकी
जब कि आयरिश लीप ईयर को भाग्यशाली मानते हैं और 29 फरवरी को पुरानी परांपरा के अनुसार महिलाओं को प्रपोज करने के लिए लकी डे मानते हैं।

ये भी है रिवाज
लीप ईयर पर डेनमार्क में अगर कोई पुरुष, महिला को ठुकराता है तो उसे 12 जोड़े ग्लव्स देने पड़ते हैं।



Click it and Unblock the Notifications
