जानिये, क्‍या कहती है रूकी हुई दीवार घड़ी

By Manjeet Kour Hundal

क्या एक बंद पड़ी घडी आपके दुर्भाग्य का कारण बन सकती है? यह बात सच्ची है या झूठी?

किसी दिन दीवार पर टंगी घड़ी वक्त ना बताए तो उसका सैल तुरंत बदल दिया जाता है। आप सोचते रह जाते हैं कि एक सैल को बदलने के लिए इतनी जल्दबाज़ी क्यों दिखाई गई। क्या देरी से हमारे घर में कोई तूफान आ जाएगा? क्या घडी का वक्त किसी की सांसों से जुडा हुआ है?

कुछ लोग बंद घडी को अशुभ मानते हैं। फिर चाहे वह घडी दीवार पर टंगी हो या कलाई पर बंधी। इन्हीं बातों के आधार पर हमने एक सूची तैयार की है।

बंद घडी के साथ जुडे इन वहमों पर एक नज़र डालें

 जानिये, क्‍या कहती है रूकी हुई दीवार घड़ी

1 पैरा-साइकालजिस्ट का मानना है कि टूटी हुई घडी दुर्भाग्य व असफलता का प्रतीक होती है।
 जानिये, क्‍या कहती है रूकी हुई दीवार घड़ी

2 माना जाता है कि घडी बनाते वक्त घडीसाज उसमें अपनी जान डालता है और जब घडी टूटती है तो माना जाता है कि वह व्यक्ति अपने अंतिम समय के निकट पहुंच चुका है।
 जानिये, क्‍या कहती है रूकी हुई दीवार घड़ी

3 पुराने जमाने में, यह माना जाता था कि घर में पड़ी बंद घडी को ठीक ना करने पर परिवार में किसी की मृत्यु हो सकती है। इस अंधविश्वास को कुछ फिल्मों में भी दिखाया गया है। अब पता चला कि लोग बंद घडी से इतना क्यों डरते हैं।
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4 हालांकि आज घरों में घंटाघडियां नहीं हैं। पर एक दौर में लोग इसकी आवाज़ से ही समय का अंदाजा लगा लेते थे। यदि आपके घर के किसी कोने में चुपचाप पड़ी घंटाघडी अचानक से बजने लग जाए तो समझ जाएं कि कोई जल्द ही परलोग सिधारने वाला है। यह तो वाकेहि बहुत डरावनी बात है!
 जानिये, क्‍या कहती है रूकी हुई दीवार घड़ी

5 जैसे कि हम सब जान चुके हैं कि बंद घडी घर में मनहूसियत को फैलाती है और इस वजह से लोग अपनी बंद घडियों को जल्द ठीक करते हैं। यह बात कितनी सच है हमें नहीं पता। परंतु हैरानी की बात यह है कि आज भी लोग ऐसी बातों पर यकीन करते हैं।

Story first published: Friday, November 25, 2016, 14:38 [IST]
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