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इन उपायों से लेगा आपका शिशु रात भर पूरी नींद
माँ बनते ही एक स्त्री के ऊपर कई सारी जिम्मेदारियां आ जाती हैं। बच्चे को खिलाना पिलाना, नहलाना आदि जैसे कई काम उसकी दिनचर्या का हिस्सा बन जाते हैं। ऐसे में एक स्त्री का पूरा दिन कैसे बीत जाता है उसे पता ही नहीं चलता। हालांकि यह सब देखने में जितना आसान लगता है वास्तव में उतना होता नहीं है। बच्चे को जन्म देने से लेकर उसके पालन पोषण में एक औरत को कई सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
अकसर देखा गया है कि दिन भर की थकान के बाद जब माँ रात को आराम करने जाती है तब अपने बच्चे के हल्की सी भी रोने की आवाज़ सुनकर वह फौरन जाग जाती है। ऐसे में उसे अपने आराम के लिए समय नहीं मिल पाता। हालांकि वह इस बात की कभी शिकायत नहीं करती क्योंकि एक माँ के लिए उसका बच्चा उसके दिल का टुकड़ा होता है।

यह सिलसिला हर रात चलता रहता है जब तक की बच्चा 2 से 3 साल का न हो जाए। आज हम अपने इस लेख में बच्चों की नींद पर ही चर्चा करेंगे, साथ ही आपको बताएंगे कि किस प्रकार आप का बच्चा रात को एक अच्छी नींद ले सकता है जिससे माँ को भी अपने आराम के लिए भी पर्याप्त समय मिल जाए। तो आइए जानते हैं कैसे आप अपने बच्चे और खुद को अच्छी नींद दे सकती हैं।
1. सबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि बच्चों को सुलाने के लिए बिल्कुल शांत वातावरण की ज़रूरत होती है ताकि रात को जब भी आपका नन्हा शिशु जाग जाए तो उसे दोबारा सुलाने में आपको दिक्कत न हो। दूध पीने के बाद वह वापस आराम से सो जाए। बच्चे को दोबारा सुलाते वक़्त उसके सोने की जगह न बदलें, साथ ही बार बार बत्ती जलाने बुझाने से भी उसकी नींद में बाधा आती है। ऐसी कई छोटी छोटी बातों को ध्यान में रख कर आप अपने बच्चे को पर्याप्त नींद लेने में मदद कर सकती हैं।
2. रात को बच्चे को नींद से जगाकर दूध न पिलाएं ऐसे में उसकी नींद ख़राब हो सकती है और उसे पर्याप्त मात्रा में नींद भी नहीं मिल पाती। बेहतर होगा आप स्वयं उसके जागने का इंतज़ार करें।
3. शाम को 6 बजे के बाद बच्चे को ज़्यादा से ज़्यादा आराम करने दें। देर रात तक जगकर उसे खिलाने की आदत आप पर ही भारी पड़ सकती है। बच्चे को इस बात का एहसास दिलाएं कि रात का वक़्त खेलने का नहीं बल्कि सोने और आराम करने का होता है। समय पर सोने और पर्याप्त नींद लेने से उसकी सेहत भी अच्छी रहेगी।
4. रात को सोते वक़्त बच्चे का डायपर बार बार बदलने से भी उसकी नींद में बाधा आती है। आजकल बाज़ारों में ऐसे डायपर उपलब्ध हैं जो ख़ास तौर पर बच्चे को रात में गीलेपन का एहसास नहीं होने देते और वे चैन की नींद ले पाते हैं। अगर आप अपने बच्चे के लिए ऐसे ही डायपर का इस्तेमाल कर रही हैं तो आपको चिंता करने की कोई ज़रुरत नहीं है।
आप दिन के लिए अन्य डायपर इस्तेमाल कर सकती हैं लेकिन रात को अच्छे डायपर का ही इस्तेमाल करें ताकि आप और आपका बच्चा दोनों बेहतर नींद ले सकें।
5. दूध पिलाने के बाद बच्चे को डकार ज़रूर दिलवाएं। कई बार बच्चे के पेट में जमी गैस असहजता का कारण बन जाती है इसलिए बच्चे को हर बार डकार ज़रूर दिलवाएं। इससे उसे अपना आहार पचाने में मदद मिलती है। कभी कभी बच्चे को तुरंत डकार आ जाती है और कभी कभी इसमें थोड़ा समय भी लग जाता है। बेहतर होगा आप हड़बड़ाएं नहीं। डकार दिलाने के लिए बच्चे को अपने कंधे पर पेट के बल लेटा लें और हल्के हाथों से धीरे धीरे उसकी पीठ को सहलाएं।
अगर फिर भी बच्चे को डकार न आए तो वापस उसे उसकी जगह पर सुला दें। शायद आपके बच्चे को गैस की समस्या नहीं हो रही हो और वह आराम से सोना चाहता है।
6. बच्चे के साथ साथ माँ को भी अच्छी नींद लेना ज़रूरी होता है ताकि उसकी सेहत पर भी कोई बुरा असर न पड़े। दिन भर की थकावट के बाद और बच्चे को लगातार स्तनपान कराने से कई बार माँ को भी कमज़ोरी आ जाती है। अगर आपका बच्चा जल्दी नहीं सोता तो अपना हाथ हल्के से उस पर रख दें। ऐसे में कई बार माँ के स्पर्श मात्र से ही बच्चों को नींद आ जाती है। साथ ही अपनी माँ के स्पर्श से बच्चा सुरक्षित महसूस करता है और उसे राहत मिलती है।
वैसे तो बच्चों के लिए उनकी माँ की उपस्थिति और स्पर्श मात्र ही नींद आने के लिए काफी होता है लेकिन फिर भी यदि आप इन छोटी छोटी बातों पर गौर करेंगी तो आप अपने बच्चे को नहीं बल्कि खुद की भी भरपूर और अच्छी नींद लेने में मदद कर सकती हैं।



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