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डिलीवरी से पहले ही फट गई पानी की थैली, जाने इस स्थिति में क्या करना चाहिए
Pre Natal
oi-Staff
By Seema Rawat
गर्भावस्था के दौरान गर्भ में शिशु जिस तरल पदार्थ में रहता है उसे एमनियोटिक थैली कहा जाता है। सामान्य रुप से 37 सप्ताह की निर्धारित अवधि पूरी होने पर यह थैली या तो फट जाती है या इसमें से रिसाव शुरु हो जाता है। यह प्रसव प्रक्रिया के शुरु होने का संकेत माना जाता है। लेकिन कुछ स्थितियों में यह समय से पहले भी हो जाता है। आइए जानते हें कि क्यों समय से पहले कई महिलाओं की पानी की थैली फट जाती है।

पानी की थैली फटने के संकेत :
- योनि में गीलापन महसूस होना।
- लगातार कम या अधिक मात्रा में फ्लूइड निकलना।
- रुक-रुक कर या तेज धार से कम या ज्यादा मात्रा में फ्लूइड निकलना।
- साफ या हल्के पीले रंग का फ्लूइड आना।
- बदबू रहित फ्लूइड आना।
- अगर आपको लग रहा है कि आपकी पानी की थैली फट गई है तो तुरंत डॉक्टर को फोन करें।
- शिशु की स्थिति (बच्चे का सिर नीचे है या बच्चा उल्टा हो गया है)
- प्रेगनेंट महिला की स्वास्थ्य स्थिति (संक्रमण के संकेत)
- शिशु की स्वास्थ्य स्थिति
- शिशु की स्थिति (बच्चे का सिर नीचे है या बच्चा उल्टा हो गया है)प्रेगनेंट महिला की स्वास्थ्य स्थिति (संक्रमण के संकेत)
- शिशु की स्वास्थ्य स्थितिकोई जोखिम कारक
- ऐसी स्थिति में डॉक्टर विभिन्न तरीकों से प्रसव पीड़ा लाने की कोशिश करते हैं। वहीं, अगर कोई जोखिम कारक नहीं होता है तो महिला को लेबर पेन खुद शुरू होने तक इंतजार करने के लिए कहा जाता है।
- अधिकतर महिलाओं में लेबर पेन पानी की थैली फटने के बाद 24 घंटे के अंदर शुरू हो जाता है।
- संकुचन के कारण प्राकृतिक तौर पर थैली का कमजोर होना।
- गर्भाशय में संक्रमण
- क्लाइमैडिया, गोनोरिया और अन्य यौन संचारित संक्रमण
- पहले कभी प्रीटर्म लेबर हुआ हो
- धूम्रपान करना।
- प्रेग्नेंसी के दौरान अच्छी देखभाल न मिलना।
- पानी की थैली फटने के बाद 24 घंटे तक नैचुरल लेबर पेन के लिए इंतजार किया जाता है। अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर प्रसव पीड़ा लाने की तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।
- पानी की थैली फटने के बाद शिशु को ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक तत्व प्लेसेंटा के जरिए मिलते हैं। वहीं, पानी की थैली जल्दी फट जाने पर मां और बच्चे दोनों को संक्रमण का खतरा रहता है।
- यदि कोई जोखिम कारक न हो तो डॉक्टर लेबर पेन शुरू होने के लिए इंतजार करते हैं और किसी दवा या तकनीक का इस्तेमाल नहीं करते हैं।
- हर प्रेगनेंट महिला में पानी की थैली फटने के बाद डिलीवरी के लिए इंतजार करने का समय अलग होता है। आमतौर पर पानी की थैली फटना डिलीवरी का संकेत होता है। इसके बाद महिला को प्रसव के लिए तैयार हो जाना चाहिए।

वाटर ब्रेक होने पर क्या करें ?
जब ये कंफर्म हो जाता है कि प्रेगनेंट महिला की पानी की थैली फट गई है तो डॉक्टर इन बातों का पता लगाने की कोशिश करते हैं :

समय से पूर्व क्यों फट जाती है थैली?
जब ये कंफर्म हो जाता है कि प्रेगनेंट महिला की पानी की थैली फट गई है तो डॉक्टर इन बातों का पता लगाने की कोशिश करते हैं :

डिलीवरी से पहले वॉटर ब्रेक के कारण हो सकते हैं :

लेबर पेन शुरू न हो तो
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