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'छेना पोड़ा से लेकर रसाबली' पुरी के फेमस पारंपारिक व्यंजन, जिन्हें बिना चखे 'रथ यात्रा' है अधूरी
आज पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकल रही है। इसलिए मंदिर की रसोई में लाखों लोगों का प्रसाद बनेगा। ये दुनिया की सबसे बड़ी रसोई है, जहां हर रोज करीब 1 लाख लोगों का खाना बनता है। यहां भगवान को हर दिन 6 वक्त भोग लगाया जाता है, जिसमें 56 तरह के पकवान शामिल होते हैं।
इसे महाप्रसाद के नाम से भी जाना जाता है। भोग के बाद ये महाप्रसाद मंदिर परिसर में ही मौजूद आनंद बाजार में बिकता है। अगर आप रथ यात्रा में हिस्सा ले रहे हैं या लेने जा रहे हैं, तो यहां हम महाप्रसाद के कुछ व्यंजनों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आपको एक बार जरुर चखना चाहिए।
खिचड़ी
उड़िया में खिचड़ी को खेचुड़ी भी कहा जाता है, उड़िया में इसे अपने तरीके से बनाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार शुद्ध देसी घी में दाल-चावल से बना यह व्यंजन भगवान जगन्नाथ को चढ़ाए जाने वाले 56 व्यंजनों में से एक है।

मालपुआ
इसे भगवान जगन्नाथ को सुबह के नाश्ते के रूप में परोसा जाता है। चावल के आटे, दूध, चीनी, सौंफ और इलायची के घोल से बना ये पकवान जगन्नाथ के मंदिर में लोगों की पसंदीदा व्यंजनो में से एक है।
मंदा
मंदा चावल के आटे का पकौड़ा होता है, जो भाप में पकाया जाता है। मानसून और प्रसिद्ध त्योहार में ये खासतौर से पकाया जाता है। इसमें नारियल का भी उपयोग किया जाता है। यह दिखने में मोदक के समान होता है। जगन्नाथ पुरी मंदिर में गुरुवार पूजा में ये पकवान भोग में जरुर चढ़ाया जाता है।

दालमा
ओडिशा की सबसे मशहूर और लोकप्रिय डिश दालमा आपको राज्य में लगभग हर जगह मिल जाएगी। ये डिश असल में एक तरह की करी है जिसको तूर दाल, चना दाल, कद्दू, आलू, बैगन और तरह तरह की अन्य सब्जियों को मिलाकर बनाया जाता है। इसमें नारियल भी डाला जाता है, जो इस डिश में जान डाल देता है। दालमा एक तरह से उड़िया लोगों की भाषा में दाल को कहा जाता है। ओडिशा की ये डिश ना केवल बनाने में बेहद आसान है लेकिन पौष्टिक गुणों से भी भरपूर है।

खाजा
खाजा एक तरह की मीठी डिश है। जिसको बनाने के लिए मैदा और चीनी का इस्तेमाल किया जाता है। मैदा में चीनी मिलाकर उसकी तमाम परतें बना दी जाती हैं। बाद में इसको हल्का फ्राई कर दिया जाता है। ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ मंदिर में चढ़ाई जाने वाली सभी चीजों में खाजा भी काफी महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके अलावा कृष्णजी के सभी पुराने और प्रसिद्धों मंदिरों में इसका भोग लगाया जाता है।
रसाबली
पनीर के साथ बनाया गया, रसाबली डीप फ्राई किया हुआ व्यंजन है और इस मीठे व्यंजन का सबसे अच्छा संस्करण पुरी में जगन्नाथ मंदिर के परिसर भोग के रुप में मिलता है।
संतुला
संतुला की खासियत है कि ये कम मसालों के अलावा ढेर सारी हरी सब्जियों के इस्तेमाल से पकाया जाता है। पारंपरिक तरीके से बनने वाले संतुला में उबली सब्जियों का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें कच्चा पपीता, आलू, टमाटर और बैगन का इस्तेमाल किया जाता है। डिश का स्वाद निखारने के लिए कभी कभी इसमें दूध और कुछ देशी मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। ये डिश देखने में जितनी रंगीन होती है, खाने में भी ये उतनी ही स्वादिष्ट होती है। सबसे अच्छी बात है कि सेहतमंद भी होती है।

छेना पोड़ा
छेना यानी पनीर होता हे। यह ओडिशा के व्यंजनों की एक पनीर आधरित स्वीट डिश है। यह दिखने में कुछ हद तक स्पंज केक के समान दिखता है। इसलिए इसे पनीर केक भी कहा जाता है। यह भगवान जगन्नाथ के प्रिय व्ंयजनों में से एक है।
कनिका
भगवान जगन्नाथ को परोसे जाने वाले 56 भोगों में से ये एक है। यह एक तरह का मीठा पुलाव है। इसे खुशबूदार बासमती चावल और सूखे मेवों से तैयार किया जाता है। ओडिशा के अधिकांश मंदिरों में इसे महाप्रसाद के रुप में चढ़ाया जाता है।
पोड़ा पीठा
पोड़ा पीठा ओडिशा की फेमस स्वीट डिश में से एक है। यह पारंपारिक भोजन एक पैनकेक है। यह स्वीट डिश उड़द की दाल गुड़ और नारियल, चावल के आटे, दूध और सूखे मेवे आदि मिलाकर बनाई जाती है। ओडिशा के राजा परबा के दौरान भगवान जगन्नाथ को भोग में चढ़ाया जाता है।
बेसर
बेसर को आप ओडिशा की पारंपरिक मिक्सड वेजिटेबल के रूप में समझ सकते हैं। इस डिश को बनाने के लिए ढे़र सारी सब्जियों के साथ सूखी मिर्च और सरसों के गाढ़े पेस्ट का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें काफी मात्रा में नारियल डाला जाता है। वैसे देखा जाए तो ये सभी मसाले ओडिशा के लगभग सभी व्यंजनों ने इस्तेमाल किए जाते हैं। सब्जियों के अच्छे से पक जाने के बाद ऊपर से धनिया डालकर खाया जाता है। ये डिश बनाने और खाने दोनों में बढ़िया लगती है।
एंडुरी पीठा
एंडुरी पीठा बनाने के लिए भुने हुए नारियल में गुड़ और कुछ मसालों मिलाए जाते हैं। जिसके बाद उसको हल्दी के पत्तों में लपेटकर भाप में पकाया जाता है। खाने में ये डिश बेहद स्वादिष्ट होती है। खास बात ये भी है कि ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर में चढ़ाए जाने वाले तमाम तरह के पीठा में एंडुरी पीठा भी शामिल होता है।
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