हर नई दुल्हन को करना पड़ता है ऐसी स्थिति का सामना

शादियों का सीज़न चल रहा है और कई लड़कियां दुल्हन बनकर अपने नए जीवन की शुरुआत कर रही हैं। विवाह एक बेहद ही शुभ और मांगलिक क्रिया होती है और अपनों के सहयोग और प्यार करने वाले पार्टनर का साथ मिलने से ये सफर और भी खूबसूरत बन जाती है। पर फिर भी विवाह के बाद जब लड़की नई दुल्हन के तौर पर अपने ससुराल में प्रवेश करती है तब उसे कई सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नये परिवार में सभी सदस्यों के साथ तालमेल बैठाना, संबंधों को मधुर बनाना और अपनी एक पहचान पेश करने की प्रक्रिया काफी जटिल हो सकती है। ऐसे में कई बार ऐसे मौके भी आते हैं जब लड़की को यह समझ नहीं आता है कि आगे क्या करना चाहिए। ऐसे ही कुछ मौकों के बारे में हम बता रहे हैं।

परिवार के सदस्यों को कैसे पुकारा जाए?

परिवार के सदस्यों को कैसे पुकारा जाए?

शादी के बाद एकदम से ही आपको एक नया बड़ा परिवार मिल जाता है। परिवार के कई सारे सदस्य आपके रिश्ते में कुछ ना कुछ लगते है। ऐसे में एक नई दुल्हन होने के नाते आप यह तय नहीं कर पाते कि किसको क्या बोलकर संबोधित किया जाये, क्या उनको नाम से पुकारा जाए या जैसे आपके पति बोलते है वैसे ही बोला जाये। ऐसी असमंजसता की स्तिथि का सामना लगभग हर नई दुल्हन को करना पड़ता है।

आराम करना भी हो जाता है मुश्किल

आराम करना भी हो जाता है मुश्किल

विवाह के रीति रिवाज़ और विभिन्न फंक्शन 4-5 दिनों तक चलते हैं। ऐसे में वर वधु दोनों ही काफी थक जाते हैं। परन्तु नये घर में दाखिल होने के बाद लड़की को आराम करने या देर से उठने के लिए भी दस बार सोचना होता है। नई बहु होने के नाते उससे बहुत सारी उम्मीदें की जाती हैं, कई सारी रस्मों और परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए दुल्हन को दिन भर एक्टिव रहना पड़ता है। ऐसी स्तिथि में एक झपकी लेना भी दुल्हन के लिए मुश्किल हो जाता है।

घर की याद सताना

घर की याद सताना

अपने घर को छोड़ के आने का दुःख और नए घर में एडजस्ट करने की प्रक्रिया में बहुत से ऐसे पल आते हैं जब लड़की को अपने घर की याद सताने लगती है। वापस कब घर जाना होगा, कब मम्मी पापा से बात हो पायेगी, कब मायके से कोई मिलने आएगा यही बातें उनके मन में दिन भर चलती रहती है।

नहीं मिल पाता है निजी समय

नहीं मिल पाता है निजी समय

नई शादी की ढेर सारी रस्मों, परिवार के सदस्यों से मिलने और भी कई सारी गतिविधियों में नई दुल्हन को अपने लिए समय ही नहीं मिल पाता है। अपनी ज़रूरतों का ध्यान, खुद की सेहत और सम्बंधित चीज़ों के लिए भी वक्त निकालना शुरूआती दिनों में नई वधू के लिए मुश्किल हो जाता है।

Story first published: Tuesday, December 14, 2021, 18:00 [IST]
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