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जानें क्या है “नो फाल्ट” डिवोर्स, जिसकी भारत में हो रही है काफी चर्चा
इंग्लैंड में विवाह संबंधी कानूनों के इतिहास में एक और बड़ा परिवर्तन सामने आया है। 6 अप्रैल 2022 से इंग्लैंड और वेल्स में "नो फाल्ट" तलाक का नया कानून अमल में लाया जाएगा। साथ ही ऑनलाइन तलाक लेने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। इसके साथ ही तलाक की पुरानी सेवाएं 31 मार्च तक समाप्त हो जाएंगी। चलिए जानते हैं इंग्लैंड के इस नये तलाक कानून "नो फाल्ट" डिवोर्स के बारे में।

क्या था पुराना कानून?
पुराने कानून के अनुसार तलाक लेने के लिए पति और पत्नी को पहले से निर्धारित 5 कारणों में से किसी एक को अपने अलग होने की वजहों के तौर पर चिन्हित करना होता था। इन कारणों को बताने से दोनों पार्टियों में समस्याएं और भी बढ़ जाती थी और अधिकतर बार वे रिश्ते की नाकामयाबी के लिए एक-दूसरे को ज़िम्मेदार ठहराते थे ताकि संपत्ति के बंटवारे में उनको फायदा हो सके। नये कानून के बाद अब वैवाहिक रिश्तों का अंत एक अच्छे नोट पर हो सकेगा।

क्या है “नो फाल्ट” डिवोर्स लॉ?
इंग्लैंड ने 1973 के अपने वैवाहिक कानूनों में करीब 50 साल बाद ये परिवर्तन किये है। इस बदलाव के बाद तलाक के कारणों को बिना बताये दोनों पार्टनर्स की आपसी सहमती से अब तलाक लिए जा सकेंगे। इससे एक दूसरे पर ज़िम्मेदारी तय करने या किसी एक को गलत ठहराने की प्रवृति का भी अंत होगा। यानि कोई भी पार्टी फाल्ट पर नहीं रहेगी। इसके साथ ही कपल्स के पास एक साथ जाकर जॉइंटली तलाक लेने का भी आप्शन रहेगा।

भारत में ऐसा कानून बनने में समय
यदि वैवाहिक रिश्ते सब कोशिशों के बावजूद ठीक नहीं चल रहे तो उनसे बाहर निकलना ही सबके लिए सही होता है। इंग्लैंड ने इसको लेकर जो सुधार किये है वो तलाक लेने की प्रक्रिया को सुचारू बनाएगा और "नो फाल्ट" वाले आयाम के कारण वैवाहिक रिश्ते सकारात्मक तरीके से खत्म होंगे।
भारत में तलाक को लेकर काफी सामाजिक असहजता है। यहां शादी को बड़ी मान्यता के रूप में देखा जाता है। तलाक को लेकर इस तरह के कानून आने से संभावना है कि तलाक लेने की दर में इजाफा दर्ज किया जाएगा।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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