Latest Updates
-
Aaj Ka Rashifal 31 May 2026: रविवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी सूर्य देव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेगा भाग्य -
Light Digestive Lauki Sabzi Recipe: कम मसालों में बनाएं सेहतमंद और स्वादिष्ट सब्जी -
Param Ekadashi 2026: 10 या 11 जून, कब है परम एकादशी? नोट करें सही डेट और पारण का समय -
माचा नहीं हल्दी, केल नहीं मोरिंगा: विदेशी सुपरफूड्स से कहीं ज्यादा ताकतवर हैं भारत के ये 5 देसी खजाने -
आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल से पके आम? ऐसे करें असली-नकली की पहचान, जानें सेहत को होने वाले नुकसान -
Silao Style Crispy Khaja Recipe: घर पर बनाएं बिहार की मशहूर परतदार मिठाई -
Electricity Price Hike: यूपी की जनता को झटका! 10% बढ़ा फ्यूल सरचार्ज, जानें कम बिल लाने के 5 अचूक उपाय -
Guru Gochar 2026: 2 जून को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे देवगुरु बृहस्पति, ये 4 राशियां होने वाली हैं अमीर -
क्या होता है वेपर हीट ट्रीटमेट? वो टेक्नोलॉजी जिसके टेस्ट में फेल होने पर जापान ने बैन किए भारतीय आम -
Healthy Iron Rich Aloo Palak Recipe: लंच के लिए बनाएं आयरन से भरपूर स्वादिष्ट सब्जी
हल्दी को काली मिर्च के साथ खाने से आपको होते हैं ये 3 बड़े फायदे
हल्दी के सभी स्वास्थ्य पाने के लिए आपको इसका इस्तेमाल काली मिर्च के साथ करना चाहिए। हल्दी में पाए जाने वाले केमिकल तत्व क्युरक्यूमिन में चिकित्सीय गुण होते हैं।
इसी तरह काली मिर्च में पाए जाने वाला तत्व पीपरिन इसके टेस्ट और हेल्थ बेनिफिट्स के लिए जिम्मेदार है। जब क्युरक्यूमिन को पीपरिन के साथ जोड़ा जाता है, तो आपको अधिक फायदे मिलते हैं।


बायोवेलएबिलिटी क्या है?
भोजन की बायोवेलएबिलिटी भोजन में पोषक तत्वों की मात्रा है, जो शरीर को अवशोषण और चयापचय के लिए उपलब्ध है। सभी चीजों में सामान बायोवेलएबिलिटी नहीं है।
दुर्भाग्य से हल्दी एक ऐसी चीज है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ तो हैं, लेकिन यह सबसे कम बायोवेलएबिलिटी वाली चीजों में से एक है। हल्दी में मौजूद क्युरक्यूमिनरीर द्वारा तेजी से चयापचय और उत्सर्जित होता है। यहां तक कि अगर आप हल्दी का भरपूर सेवन कर रहे हैं, तो भी आपके शरीर को पूर्ण लाभ नहीं मिल सकते हैं।

हल्दी में काली मिर्च जोड़ने से कैसे मदद मिलती है?
काली मिर्च में मौजूद पीपरिन आपके लीवर को क्युरक्यूमिन को हटाने से रोकता है, इससे पहले कि आपके शरीर को इसका पूरा लाभ मिले। यह पेट में क्युरक्यूमिन को रखने का समय बढ़ाकर मेटाबोलिज्म रेट को स्लो करता है।
इसके अलावा यह एंजाइमों को बाधित करता है जो कि इसे जल्दी मेटाबोलाइज कर सकते हैं। ये शरीर को इसे पूरी तरह से अवशोषित करने में मदद करता है।

काली मिर्च नसों को टॉक्सिन से बचाने में मदद करती है
हल्दी में मौजूद पॉलीफेनोल क्युरक्यूमिन को ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करके तंत्रिकाओं की रक्षा के लिए जाना जाता है। लेकिन इसकी खराब बायोवेलएबिलिटी के कारण, हल्दी अपने आप यह काम नहीं कर सकती है।
वैज्ञानिकों ने चूहों को न्यूरोटॉक्सिन 3-नाइट्रोप्रोपोनिक एसिड के साथ हल्दी और काली मिर्च का इंजेक्शन दिया। रिसर्च में पाया गया कि नसों पर विषाक्त पदार्थों के हानिकारक प्रभाव को कम करने में काली मिर्च द्वारा हल्दी का प्रभाव बढ़ाया गया था।
काली मिर्च गॉलस्टोन के गठन को रोकने में हल्दी की मदद करती है हल्दी गॉलस्टोन को कम करने में मदद करती है। इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए शोधकर्ताओं ने गॉलस्टोन को हटाने के लिए हल्दी में काली मिर्च मिलाकर इस्तेमाल किया।
काली मिर्च ऑस्टियोक्लास्ट के गठन को दबाने में हल्दी की मदद करती है
ऑस्टियोक्लास्ट हड्डी की कोशिकाएं हैं। यह हड्डी में ऊतकों को तोड़ती हैं और खून में मिनरल्स और कैल्शियम को जारी करती हैं। यह ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
जर्नल ऑफ़ एन्डोडोंटिक्स में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि काली मिर्च के साथ हल्दी का संयोजन ऑस्टियोक्लास्ट के गठन को रोकने में मदद करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications