Latest Updates
-
Ambedkar Jayanti Quotes 2026: ‘नारी को शिक्षित करो' भीमराव अंबेडर जयंती पर शेयर करें उनके ये 20 विचार -
Baisakhi 2026 Wishes in Punjabi: बैसाखी पर भंगड़ा और गिद्दा के साथ अपनों को भेजें पंजाबी शुभकामनाएं -
सपने में शादी देखना क्या देता है संकेत? शुभ खबरी या किसी बदलाव का इशारा, जानें इसका मतलब -
बैसाखी पर गुड़ के टुकड़े का यह अचूक उपाय आपको बना सकता है मालामाल, जानें करने की सही विधि -
क्या होती है पार्किंसंस की बीमारी? जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय -
क्यों मनाई जाती है बैसाखी? जानें खालसा पंथ के '5 प्यारों' की कहानी, जिन्होंने हिलाई मुगलों की नींव -
Varuthini Ekadashi Vrat Katha: वरुथिनी एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा 10 हजार साल की तपस्या जितना फल -
Varuthini Ekadashi 2026 Wishes: श्रीहरि विष्णु है जिनका नाम...वरुथिनी एकादशी पर अपनों को भेजें ये शुभकामनाएं -
Varuthini Ekadashi 2026 Sanskrit Wishes: वरुथिनी एकादशी पर दिव्य संस्कृत श्लोकों सें दें अपनों को शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 13 April 2026: वरूथिनी एकादशी पर सिंह-तुला की चमकेगी किस्मत, ये 3 राशियां रहें सावधान
अपेंडिक्स का इलाज करें घरेलू उपचार से
नोट: इस बीमारी के निदान और उपचार के लिये अपने डॉक्टर की सलाह लें।
अपेंडिक्स आँत का एक टुकड़ा होता है, इसके संक्रमण जिसे अपेंडिसाइटिस कहते हैं, पेट दर्द पैदा करने वाला एक आम कारण है। अपेंडिक्स 10 से 30 साल की उम्र के लोगों में आम होता है। यह महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में ज्यादा देखने को मिलता है।
READ: गर्मियों में पथरी होने से कैसे बचें
रोगी को अगर अपेंडिक्स है तो, उसके पेट के दाएं भाग में नीचे की तरफ दर्द, भूख में कमी आएगी, उल्टी, मतली, डायरिया, कब्ज, गैस न निकाल पाना, पेट में सूजन और हल्का बुखार रह सकता है।
READ: उल्टी रोकने के घरेलू उपाय
जब यह अवरोध कुछ दिनों तक लगातार बना रहता है तो अंततः संक्रमण होकर अपेंडिक्स के फटने की स्थिति आ जाती है। अपेन्डिक्स का फटना एक आपात स्थिति है। अपेंडिक्स का सही समय पर इलाज बहुत जरुरी है। इसके कुछ आम लक्षणों को ठीक करने के लिये कुछ घरेलू उपचार भी आजमाए जा सकते हैं।

लहसुन
रोजाना खाली पेट 2 से 3 कच्ची लहसुन का सेवन करें। आप खाना पकाते वक्त भी लहसुन का प्रयोग कर सकते हैं। दूसरा ऑपशन है कि आप डॉक्टर की सलाह से गार्लिक कैप्सूल का सेवन भी कर सकते हैं।

अदरक
अदरक दर्द और सूजन को दूर करने में सहायक है। रोजाना अदरक की चाय 2 से 3 बार पियें। अदरक की चाय बनाने के लिये 1 कप उबलते हुए पानी में 1 छोटा चम्मच घिसा अदरक डाल कर 10 मिनट उबालें। दूसरा तरीका है कि अपने पेडु को अदरक के तेल से दिन में कई बार मसाज करें।

मेथी दाना
1 कप पानी में 2 छोटे चम्मच मेथी डाल कर पानी को उबालें। इसके बाद इस पानी को दिन में एक बार पियें। खाने में भी मेथी दाने का प्रयोग करें। इससे दर्द और सूजन दूर होती है।

नींबू
नींबू दर्द, अपच और कब्ज से राहत दिलाता है। यह विटामिन सी से भरपूर है इसलिये यह इम्मयूनिटी भी बढाता है। इसका सेवन करने के लिये एक नींबू निचोड़ कर उसमें कच्ची शहद मिलाइये। इस मिश्रण को दिन में कई बार लीजिये। ऐसा कुछ हफ्तों तक लगातार करें।

तुलसी
यदि अपेंडिक्स रोगी को हल्का बुखार भी आता है तो तुलसी उसे कम कर सकती है। साथ ही यह अपच और गैस को कम करती है। बुखार दूर करने के लिये 1 मुठ्ठी तुलसी, 1 छोटा चम्मच अदरक और 1 कप पानी को आधा होने तक धीमी आंच पर उबालिये। इसे चाय को दिन में दो बार कई दिनों तक पीजिये। अपेंडिक्स के अन्य लक्षणों को दूर करने के लिये आप रोजाना तुलसी की 3 से 4 पत्तियों को चबा सकते हैं।

पुदीना
यह अंदर की गैस, मतली और चक्कर जैसे लक्षणों को दूर करता है। यह अपेंडिक्स के दर्द को भी ठीक करता है। इसका सेवन करने के लिये पुदीने की चाय तैयार करें। 1 चम्मच ताजी पुदीने की पत्तियों को 1 कप खौलते पानी में 10 मिनट तक उबालें। इसे छान कर इसमें कच्ची शहद मिलाएं। फिर इसे हफ्तेभर दो या तीन पर रोजाना पियें।

फाइबर युक्त आहार
आहार में लो फाइबर अपेंडिक्स को दावत दे सकता है। इसलिये आपको हाई फाइबर वाले आहार जैसे, बींस, खीरा, टमाटर, चुकंदर, गाजर, ब्रॉक्ली, मटर, ब्राउन राइस, मुनक्का, वीट जर्म, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज और अन्य ताजे फल तथा सब्जियां।

तरल पदार्थ
खूब सारा तरल पदार्थ पीने से कब्ज की समस्या दूर होती है, जिससे अपेंडिक्स भी जल्द ठीक हो जाता है। इससे शरीर की गंदगी भी दूर होती है। आप पानी के अलावा फ्रूट जूस वो भी बिना शक्कर के पी सकते हैं। हो सके तो ठोस आहार कम कर दें और ढेर सारा तरल पदार्थ ही पियें। इसके अलावा शराब और कैफीन का सेवन ना करें, नहीं तो आप डीहाइड्रेशन का शिकार हो सकते हैं।

दूध
दूध को एक बार उबालकर ठंडा कर पीने से लाभ होता है।

टमाटर
लाल टमाटर में सेंधा नमक और अदरक डालकर भोजन के पहले खाने से फायदा होता है।

राई :
पेट के निचले भाग में दायीं ओर राई पीसकर लेप करने से दर्द दूर होता है। मगर ध्यान रहे कि एक घंटे से ज्यादा देर तक लेप लगा नहीं रहना चाहिए। वरना छाले भी पड़ सकते हैं।

पालक का साग
आंत से सम्बन्धित रोगों में पालक का साग खाना फायदेमंद है।

चौलाई
चौलाई का साग लेकर पीस लें और उसका लेप करें। इससे शांति मिलेगी और पीड़ा दूर होगी।

जरुरी टिप्स- 1
- रोजाना नमक मिला कर छाछ पियें।
- कब्ज से दूरी बनाएं क्योंकि इससे कंडीशन और भी खराब हो सकती है।
- एक अच्छी डाइट लें, जिसमें ताजे फल और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल हों।
- डेयरी प्रोडक्ट्स, मीट और रिफाइंड शुगर ना खाएं।

जरुरी टिप्स- 2
- विटामिन बी, सी और ई सप्पलीमेंट लीजिये। कोई भी सप्पलीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरुर लें।
- अपने पेडु को छींकते, खांसते और हंसते वक्त अपने हाथों से सर्पोट दे कर पकड़ें, जिससे दर्द ना हो।
- थकान होने पर हमेशा आराम करें और अच्छी नींद लें।



Click it and Unblock the Notifications











