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क्या होता है इंफ्यूज्ड वॉटर, जानें इसे पीने के फायदे और बनाने का तरीका
अलग-अलग फलों से बने इंफ्यूज्ड वॉटर शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने का एक स्वस्थ और बेहतर तरीका है। अपनी बॉडी में वॉटर लेवल बढ़ाने और डिटॉक्स करने के लिए लोग कई तरीके अपनाते हैं जूस, हाई वॉटर वाले फ्रूट्स आदि। तो अगर आपको भी ज्यादा पानी पीने में दिक्कत होती है तो आप भी इंफ्यूज्ड वॉटर का सहारा ले सकते हैं।

क्या होता है इंफ्यूज्ड वॉटर?
कई प्रकार की चीजों के अर्क से तैयार किया जाने वाला पानी इंफ्यूज्ड वॉटर कहलाता है। इसे कई प्रकार की फल-सब्जियों और जड़ी बूटियों से मिलाकर बनाया जाता है। फल सब्जियों और जड़ी-बूटियों को पहले पानी में भिगोया जाता है, जिससे इस पानी में इन सभी चीजों के मिनरल्स आ जाते हैं। इस पानी में सभी प्रकार के मिनरल्स आने की वजह से यह पानी ताजगी से भरा और जायकेदार भी लगता है।

ये होते है फायदे
फाइटोन्यूएंट्स के स्तर को कम करने के साथ कैंसर, हृदय रोग और अस्थमा से लड़ने में मदद करते हैं। इसमें वजन घटाने के साथ ही एंटीआक्सीडेंट, एंटीइंफ्लामेंट्री, और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल को भी कम करते हैं और कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों के खतरे को कम करते हैं।

नींबू और अदरक
नींबू और अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े करके एक बड़े गहरे बर्तन में डालें, फिर इसमें दालचीनी का टुकड़ा भी डालें। इसके बाद इसमें पानी डालें।अब इस बर्तन को फ्रिज में रख दें लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि इस पानी में कोई छिलका न रह जाए नही तो यह पानी पीने में कड़वा लगेगा। इस इंफ्यूज्ड वॉटर को तीन दिन तक रखा जा सकता है।

नींबू, तुलसी और स्ट्रॉबेरी का इंफ्यूज्ड वाटर
तीन से चार स्ट्रॉबेरी को उबालकर काट लें, फिर इसमें चार से पांच तुलसी की पत्तियां और नींबू का टुकड़ा थोड़े से पानी में डालकर रख दें। इस पानी को तीन घंटे के लिए रख दें। फिर इस पानी को छानकर पिएं। इसका स्वाद काफी अच्छा लगेगा। लेकिन किसी भी फल या सब्जी को रातभर के लिए पानी में भिगोकर नही रख सकते क्योंकि इनके खराब होने का डर रहता है। इसके विपरीत जड़ी बूटियों को पानी में काफी देर तक भिगोकर रखा जा सकता है।

खीरा, नींबू, स्ट्रॉबेरी और पुदीना
ज्यादा स्वाद के लिए पुदीना को पीसकर रख लें फिर नींबू के टुकड़े और स्ट्रॉबेरी के टुकड़े पानी में डालें। फिर पिसे हुए पुदीना को इस पानी में डालकर कुछ घंटों के लिए रख दें। जब इस पानी को पीना हो, इसे छानकर इसमें खीरे के छोटे-छोटे टुकड़े डाल दें। इस पानी का जायका बिल्कुल अलग लगेगा और शरीर में ठंडक भी पहुंचाएगा।



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