Latest Updates
-
धनतेरस पर धनिया खरीदने के बाद करें यह एक उपाय, घर में बनी रहेगी बरकत -
धनतेरस पर 13 दीपक क्यों जलाए जाते हैं? प्रदोष काल में पढ़ें यमदीपदान की कथा -
धनतेरस के 21 शुभकामना संदेश: घर की लक्ष्मी के त्योहार को बना देंगे स्पेशल -
धनतेरस समृद्धि का स्वागत करने का दिन, लेकिन घर में शांति बनाए रखना भी उतना ही जरूरी: ज्योतिषी रिन्ही सुबरवाल -
'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, सामने आई मौत की वजह -
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? जानें व्रत के जरूरी नियम -
Namakpara Recipe: दिवाली पर घर पर बनाएं बिना मैदा के कुरकुरे नमकपारे, निशा मधुलिका ने बताई आसान रेसिपी -
Halloween 2026: क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए कहां और कैसे शुरू हुआ यह 'डरावना त्योहार' -
National Unity Day 2026 Wishes: हमारी पहचान हमारी एकता...राष्ट्रीय एकता दिवस पर आप भी भेजें ये शुभकामना संदेश -
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग
मधुमक्खी काट ले तो जानें क्या करें, इन उपायों से मिलेगा चुटकियों में आराम
मधुमक्खी का शहद जितना मीठा होता है उसका डंक भी उतना घातक होता है। मधुमक्खी अगर डंक मार दे तो उस जगह पर सूजन तो आ ही जाती है साथ ही तेज दर्द भी शुरू हो जाता है। कई बार तो दर्द और जहर के प्रभाव से बुखार भी हो जाता है। पर आपको बता दें कि मधुमक्खी या दूसरे कीट नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि आत्मरक्षा में डंक मारते हैं या काटते हैं। मधुमक्खियों के डंक में जहर होता है जिससे शरीर में संक्रमण हो जाता है। कुछ लोगों में मधुमक्खी के डंक का असर या तो कुछ घंटे रहते है या फिर एक से दो दिन तक रहता है।

सबसे पहले डंक को निकाल दें
मधुमक्खी के डंक को जितनी जल्दी हो सके निकाल लें। डंक जितनी जल्दी निकल जाएगा जहर का असर उतना ही कम होगा। वरना शरीर में जहर फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। डंक निकालने के बाद उस जगह को किसी एंटीसेप्टिक साबुन से साफ कर लीजिए। उसके बाद प्रभावित जगह को पोंछकर कोई एंटीसेप्टिक क्रीम लगा लें।

बर्फ लगाएं
प्रभावित जगह पर बर्फ लगाने से कई तरह की परेशानियों और लक्षणों में राहत मिल जाएगी। ठंड की वजह से विषाक्त पदार्थ बहुत अधिक फैलता नहीं है। इसके अलावा ये दर्द कम करने में भी सहायक होता है।

बेकिंग सोडा रहेगा फायदेमंद
बेकिंग सोडा में अल्कलाइन मौजूद होता है जोकि जहर के असर को कम करने में मददगार होता है। बेकिंग सोडा लगाने से दर्द, खुजली और सूजन में राहत हो जाएगी।

सिरका भी कर सकते हैं इस्तेमाल
सिरके के इस्तेमाल से भी जहर का असर कम हो जाता है। साथ ही ये भी दर्द, सूजन और खुजली में राहत पहुंचाता है।

शहद का इस्तेमाल
मधुमक्खी काट लेने पर शहद का इस्तेमाल करना भी बहुत फायदेमंद होता है! ये जहर को फैलने नहीं देता है और इसका एंटी-बैक्टीरियल गुण संक्रमण बढ़ने नहीं देता है।

कैलामाइन लोशन
मधुमक्खी के डंक के लिए कैलामाइन लोशन भी बहुत अच्छा होता है। डंक के असर को कम करने के लिए प्रभावित भाग पर कैलामाइन लोशन लगाकर 40 मिनट के लिए छोड़ दें और चार घंटे के बाद दोबारा इसे लगाये।

टूथपेस्ट भी है विकल्प
सफेद टूथपेस्ट लगाने से भी डंक के दर्द में राहत मिलती है. ये जहर के अम्लीय प्रभाव को कम करता है। इसके इस्तेमाल से दर्द और सूजन में राहत मिलती है।



Click it and Unblock the Notifications
