Latest Updates
-
किन लोगों को भूलकर भी नहीं चलानी चाहिए साइकिल, फायदे की जगह हो सकता है बड़ा नुकसान -
Global Running Day: दौड़ना शुरू करने से पहले जान लें ये नियम, वरना फायदे की जगह होगा नुकसान -
Rajasthani Festive Style Dal Bati Recipe: घर पर बनाएं पारंपरिक स्वाद वाली दाल बाटी -
Aaj Ka Rashifal 03 June 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Healthy Weight Loss Kela Stem Sabzi Recipe: फाइबर से भरपूर इस सब्जी को डिनर में शामिल करें -
World Bicycle Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व साइकिल दिवस? जानें इतिहास, महत्व और साइकिल चलाने के 10 फायदे -
Jodhpur Style Pyaz Kachori Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी कुरकुरी और चटपटी कचौरी -
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2026: विभुवन संकष्टी चतुर्थी कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
मामा IPS, नाना रजिस्ट्रार और चाची राजनीति में, जानें Vaibhav Suryavanshi के परिवार में कौन क्या करता है? -
El Nino: क्या है एल नीनो, मानसून की बारिश और तापमान पर कैसे असर डालता है? जानिए सब कुछ
राधाष्टमी 2020: 26 अगस्त को रखा जाएगा व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा मंत्र
कृष्ण जन्माष्टमी के पंद्रह दिनों के बाद राधा अष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा रानी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। मथुरा, वृंदावन और बरसाना में इस दिन खास इंतजाम किये जाते हैं।

इस साल कोरोना के कारण राधा अष्टमी का त्योहार उतनी साज-सजावट के साथ नहीं मनाया जा सकेगा। राधा के बिना श्री कृष्ण अधूरे हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता भी है कि कृष्ण जन्माष्टमी के व्रत का पूरा पुण्य पाने के लिए जातक को राधा अष्टमी का व्रत भी करना चाहिए। इस साल राधा अष्टमी का व्रत 26 अगस्त को रखा जाएगा।

राधा अष्टमी शुभ मुहूर्त
सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5 बजकर 56 मिनट से दोपहर 1 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। इतना ही नहीं, इसी समय पर अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है।
25 अगस्त दिन मंगलवार को 06 बजकर 40 मिनट से अष्टमी तिथि शुरू
26 अगस्त दिन बुधवार को अष्टमी तिथि 02 बजकर 12 मिनट तक

राधा रानी के मंत्र
तप्त-कांचन गौरांगी श्री राधे वृंदावनेश्वरी
वृषभानु सुते देवी प्रणमामि हरिप्रिया
ॐ ह्रीं श्रीराधिकायै नम:।
ॐ ह्रीं श्रीराधिकायै विद्महे गान्धर्विकायै विधीमहि तन्नो राधा प्रचोदयात्।
श्री राधा विजयते नमः, श्री राधाकृष्णाय नम:

राधा अष्टमी का महत्व
राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण के भक्तों के लिए राधा अष्टमी का दिन खास महत्व रखता है। ऐसा माना जाता है कि राधा अष्टमी का व्रत करने से धन की कमी नहीं होती है और घर में शुभता तथा सौभाग्य आता है। ये भी कहा जाता है कि अगर श्रीकृष्ण को प्रसन्न करना है तो राधा जी की आराधना जरूर करनी चाहिए। इस वजह से अपने आराध्य भगवान कृष्ण को मनाने के लिए भक्त पहले राधा रानी को प्रसन्न करते हैं। ऐसी भी मान्यता है कि राधा अष्टमी का व्रत करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।

राधा अष्टमी पर पूजा की विधि
सूर्योदय से पहले उठें। स्नानादि कर लेने के बाद नए वस्त्र धारण करें। अब एक चौकी पर लाल अथवा पीले रंग का कपड़ा बिछाएं। इस पर श्री कृष्ण और राधा जी की प्रतिमा स्थापित करें। साथ ही कलश भी स्थापित कर लें। अब पंचामृत से स्नान कराएं। अब दोनों को सुंदर वस्त्र पहनाकर उनका श्रृंगार करें। कलश पूजन के साथ राधा कृष्ण की पूजा भी करें। अब आप उन्हें फल-फूल और मिष्ठान चढ़ाएं। राधा कृष्ण के मंत्रों का जाप करें और कथा सुनें। इस दिन राधा कृष्ण की आरती जरूर गाएं।



Click it and Unblock the Notifications