Latest Updates
-
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन -
बारिश में बाल झड़ना कैसे रोकें: कारण, देखभाल और जरूरी पोषक तत्व -
Ashtami Navami 2026 Date: अष्टमी और नवमी कब है? जानें सही तिथि, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और महत्व
Shardiya Navratri 2021: डोली में सवार होकर आएंगी माता रानी, हाथी पर होगी विदाई
हिंदू पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ आश्विन महीने की प्रतिपदा से होता है। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 7 अक्टूबर से शुरू होंगे। इसी दिन कलश स्थापना का विधान होता है। नवरात्रि के मौके पर हर घर में मां दुर्गा की आराधना की जाती है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में मां के अलग अलग नौ रूपों का पूजन किया जाता है। नवरात्रि के समय में देवी मां की सवारी भी बहुत अहमियत रखती है। जानते हैं साल 2021 में दुर्गा माता किस सवारी पर आएंगी और किस पर उनकी विदाई होगी और इसका क्या प्रभाव पड़ सकता है।

डोली पर आएगी मां की सवारी
6 अक्टूबर को पितृ पक्ष का समापन होगा और अगले ही दिन यानी 7 अक्टूबर गुरुवार को शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होगा। इस बार मां का आगमन डोली पर होगा। नवरात्रि का आगाज जब रविवार या सोमवार से होता है तब माता रानी हाथी की सवारी करके आती हैं। यदि इस उत्सव की शुरुआत मंगलवार या शनिवार से हो रही है तो उनकी सवारी घोड़ा होती है। गुरुवार या शुक्रवार का दिन पड़ने से माता डोली की सवारी करके आती हैं। इस बार दिन गुरुवार होने की वजह से माता रानी डोली में आएंगी।

डोली पर आने का अर्थ
जानकारों के मुताबिक देवी मां का डोली पर आना अच्छा सूचक नहीं है। मनुष्य और जीव-जंतु बिमारियों से परेशान हो सकते हैं। मां के डोली पर आगमन को ‘डोलायां मरणं ध्रुवम' कह रहे हैं जिसका संकेत प्राकृतिक आपदा, महामारी, संक्रमण आदि है। राजनीति में भी उतार-चढ़ाव की स्थिति रहेगी। हालांकि मां के डोली पर आने से महिलाओं पर किसी तरह का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

हाथी पर होगी विदाई
मां का हाथी पर विदा होना वर्षा का संकेत देता है। इसे सौभाग्य का सूचक माना जाता है। इस साल बारिश अची होगी। साथ ही पूरे वर्ष शुभ खबरें प्राप्त होंगी।

आठ दिन का रहेगा उत्सव
इस साल नवरात्रि नौ के बजाय आठ दिन की होनी वाली है। शारदीय नवरात्रि 7 अक्टूबर से शुरू होंगे और 15 अक्टूबर को सुबह पारण के साथ ही इसका समापन होगा। दरअसल इस बार पंचमी तिथि और षष्ठी तिथि का भोग एक ही दिन होने की वजह से यह आठ दिवसीय उत्सव रहेगा। भक्तों को मां की आराधना के लिए आठ दिन प्राप्त होंगे। 15 अक्टूबर को ही विजयदशमी का पर्व भी मनाया जाएगा।
हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा का उत्सव मनाया जाता है। साल 2021 में दशहरा का त्योहार 15 अक्टूबर, शुक्रवार के दिन पड़ रहा है।



Click it and Unblock the Notifications
