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Grahan in April 2026: अप्रैल में ग्रहण है या नहीं? नोट कर लें साल के सभी सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण की तारीख
Grahan in April 2026: ग्रहण जहां एक ओर वैज्ञानिक दृष्टि से खास घटना माना जाता है, वहीं धार्मिक और ज्योतिषीय नजरिए से भी इसका अलग महत्व होता है। कई मान्यताओं में ग्रहण के समय सूर्य और चंद्रमा की स्थिति को कमजोर माना जाता है, इसलिए इस दौरान शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है. इसी वजह से लोग हर महीने यह जानने के लिए उत्सुक रहते हैं कि कहीं ग्रहण तो नहीं लगने वाला है। इन दिनों अप्रैल को लेकर भी ऐसी ही जिज्ञासा बनी हुई है। आइए, जानते हैं कि इस महीने ग्रहण लगने वाला है या नहीं -

अप्रैल 2026 में ग्रहण है या नहीं?
बता दें कि अप्रैल 2026 में कोई भी ग्रहण नहीं लगता वाला है, न सूर्य ग्रहण और न ही चंद्र ग्रहण। यानी इस पूरे महीने आसमान में किसी तरह की ग्रहण संबंधी घटना नहीं होगी। इस साल कुल मिलाकर चार ग्रहण लगने हैं, जिनमें से दो पहले ही हो चुके हैं। अब बाकी के ग्रहण आने वाले महीनों में, खासकर अगस्त के आसपास देखने को मिलेंगे।
कब लगेगा साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण?
साल 2026 का अगला सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा। यह ग्रहण रात करीब 9 बजकर 04 मिनट पर शुरू होगा और 13 अगस्त की सुबह लगभग 4 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। खास बात यह है कि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगी, इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा। ऐसे में, देश में पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक कार्य सामान्य रूप से किए जा सकेंगे।
कहां दिखाई देगा 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण?
साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण दुनिया के कुछ खास हिस्सों में देखा जा सकेगा। यह मुख्य रूप से आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, अटलांटिक महासागर और उत्तरी स्पेन में साफ तौर पर नजर आएगा। इसके अलावा, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली समेत यूरोप के कई देशों में भी इस खगोलीय घटना को देखा जा सकेगा। हालांकि, भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा।
कब लगेगा साल 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण?
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, साल 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को पड़ेगा। यह ग्रहण सुबह के समय शुरू होगा और कुछ समय तक जारी रहेगा। यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल प्रभावी नहीं माना जाएगा। ऐसे में, देश में पूजा-पाठ और दैनिक धार्मिक कार्य सामान्य रूप से किए जा सकेंगे।
कहां दिखाई देगा 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण?
साल 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। यह खास तौर पर यूरोप के कई देशों में नजर आएगा। इसके अलावा पश्चिमी एशिया, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका के कई क्षेत्रों में भी यह खगोलीय घटना साफ तौर पर देखी जा सकेगी। हालांकि, भारत में यह चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा।
ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?
ग्रहण के दौरान मंदिर में मूर्तियों को स्पर्श करने या सामान्य पूजा-पाठ करने से परहेज किया जाता है। हालांकि, मन ही मन भगवान का ध्यान करना शुभ माना जाता है।
ग्रहण के दौरान भोजन पकाने या खाने से बचने की परंपरा है।
ग्रहण के दौरान शरीर पर तेल मालिश करने से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है।
ग्रहण के दौरान बाल और नाखून काटना इस समय उचित नहीं माना जाता।
संभव हो तो इस दौरान लंबी यात्रा करने से बचना बेहतर रहता है।
ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को खासतौर पर सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, ताकि वे किसी भी तरह की परेशानी से दूर रहें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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