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शोध में भी हुआ खुलासा पिता काे ज्यादा दुलारी होती है बेटियां
हाल ही में हुए रिर्सच में सामने आया है कि पिता की बेटो की तुलना में अपनी बेटियों को ज्यादा प्यार करते हैं।
माता-पिता के लिए हर बच्चा समान होता है, चाहे बेटा हो या बेटी। लेकिन हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि एक पिता अपनी बेटी को अपने बेटों से ज्यादा प्यार करता है।
इस शोध में यह साफ हुआ कि बच्चों के जेंडर के मुताबिक पिता के दिमाग कि प्रतिक्रिया बदलने के साथ ही उनका बर्ताव भी अपनी बेटी को लेकर काफी बदलता करता है। ऐसा शायद इसलिए भी क्योंकि पिता लड़कों की तुलना में लड़कियों की भावनाओं को ज्यादा अच्छे से स्वीकार करते हैं।

बेटियों के पिता होते है इमोशनल
इस रिसर्च में निकल कर आया कि बेटियों के पिता बेटों के पिता से ज्यादा सोशल होते हैं। जहां बेटी का पिता आराम से सबके सामने हर तरह के इमोशन को लेकर खुलकर बात करते है, तो वहीं बेटे के पिता रफ एंड टफ लाइफस्टाइल जीने के साथ खेलों में मशरुफ रहना ज्यादा पसंद करते हैं।

अच्छे से देते है जवाब
इस रिसर्च के अनुसार 'यदि बच्चा चिल्लाता है या पिता के लिए पूछता है, तो ऐसे में पिता बेटो की तुलना में बेटियों को अधिक जल्दी जवाब देते हैं।' साथ ही, लड़कियों के पिता ज्यादा विश्लेषणात्मक भाषा (जैसे सभी, नीचे और बहुत कुछ शब्दों) का उपयोग करते है, जबकि बेटों के पिता उनके साथ उपलब्धि वाली भाषा और शब्द का उपयोग करते है जैसे कि गर्व, जीत और शीर्ष।

ब्रेन स्केनिंग में मिला प्रूफ
इस शोध के लिए जब पिताओं के ब्रेन स्केनिंग की गई तो सामने आया कि, जिन फादर्स के बेटियां है, उनके दिमाग में बेटियों के हैप्पी एक्सप्रेशन से पिता ने बहुत जल्द रेस्पॉन्स दिया। हालांकि एमोरी युनिवर्सिटी के एंट्रोपॉलोजिस्ट जेम्स रिलिंग का मानना है कि इस जेंडर बेस्ड बिहेवियर का अर्थ यह नहीं है कि पिता अपने बच्चों में भेदभाव करते है। क्योंकि हो सकता है कि पिता का बेटी और बेटे के प्रति अलग अलग बर्ताव सोसाइटी की वजह से भी हो। क्योंकि दोनों बच्चों कि परवरिश सामाजिक अपेक्षाओं को ध्यान में रख कर की जाती है।



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