Latest Updates
-
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब -
World Lung Day 2026: शरीर में दिखें ये 7 लक्षण तो समझ जानें आपके फेफड़े हो रहे हैं खराब -
Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र में 14 गांठें ही क्यों बांधी जाती हैं? जानें इसका धार्मिक महत्व -
Mushtaq Khan Family: 'वेलकम' फेम मुश्ताक खान ने दुनिया को कहा अलविदा, जानिए एक्टर के परिवार में कौन-कौन? -
डायबिटीज में चावल और रोटी खाने का सही समय क्या है? जानें कब खाने से नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
Anant Chaturdashi Vrat Katha: अनंत चतुर्दशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर हो जाएंगे सारे कष्ट -
Anant Chaturdashi 2026 Wishes: श्री हरि का आशीष...इन संदेशों के साथ अपनों को दें अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं -
Hurun India Rich List 2026: ये हैं भारत के टॉप 10 सबसे अमीर लोग, जानिए किसके पास है कितनी दौलत -
Bhadrapada Purnima 2026: कब है भाद्रपद पूर्णिमा? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और पूजा विधि -
बढ़े हुए प्रोस्टेट का मतलब कैंसर नहीं, जानें बढ़े हुए प्रोस्टेट, प्रोस्टेटाइटिस और प्रोस्टेट कैंसर में अंतर
शोध में भी हुआ खुलासा पिता काे ज्यादा दुलारी होती है बेटियां
हाल ही में हुए रिर्सच में सामने आया है कि पिता की बेटो की तुलना में अपनी बेटियों को ज्यादा प्यार करते हैं।
माता-पिता के लिए हर बच्चा समान होता है, चाहे बेटा हो या बेटी। लेकिन हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि एक पिता अपनी बेटी को अपने बेटों से ज्यादा प्यार करता है।
इस शोध में यह साफ हुआ कि बच्चों के जेंडर के मुताबिक पिता के दिमाग कि प्रतिक्रिया बदलने के साथ ही उनका बर्ताव भी अपनी बेटी को लेकर काफी बदलता करता है। ऐसा शायद इसलिए भी क्योंकि पिता लड़कों की तुलना में लड़कियों की भावनाओं को ज्यादा अच्छे से स्वीकार करते हैं।

बेटियों के पिता होते है इमोशनल
इस रिसर्च में निकल कर आया कि बेटियों के पिता बेटों के पिता से ज्यादा सोशल होते हैं। जहां बेटी का पिता आराम से सबके सामने हर तरह के इमोशन को लेकर खुलकर बात करते है, तो वहीं बेटे के पिता रफ एंड टफ लाइफस्टाइल जीने के साथ खेलों में मशरुफ रहना ज्यादा पसंद करते हैं।

अच्छे से देते है जवाब
इस रिसर्च के अनुसार 'यदि बच्चा चिल्लाता है या पिता के लिए पूछता है, तो ऐसे में पिता बेटो की तुलना में बेटियों को अधिक जल्दी जवाब देते हैं।' साथ ही, लड़कियों के पिता ज्यादा विश्लेषणात्मक भाषा (जैसे सभी, नीचे और बहुत कुछ शब्दों) का उपयोग करते है, जबकि बेटों के पिता उनके साथ उपलब्धि वाली भाषा और शब्द का उपयोग करते है जैसे कि गर्व, जीत और शीर्ष।

ब्रेन स्केनिंग में मिला प्रूफ
इस शोध के लिए जब पिताओं के ब्रेन स्केनिंग की गई तो सामने आया कि, जिन फादर्स के बेटियां है, उनके दिमाग में बेटियों के हैप्पी एक्सप्रेशन से पिता ने बहुत जल्द रेस्पॉन्स दिया। हालांकि एमोरी युनिवर्सिटी के एंट्रोपॉलोजिस्ट जेम्स रिलिंग का मानना है कि इस जेंडर बेस्ड बिहेवियर का अर्थ यह नहीं है कि पिता अपने बच्चों में भेदभाव करते है। क्योंकि हो सकता है कि पिता का बेटी और बेटे के प्रति अलग अलग बर्ताव सोसाइटी की वजह से भी हो। क्योंकि दोनों बच्चों कि परवरिश सामाजिक अपेक्षाओं को ध्यान में रख कर की जाती है।



Click it and Unblock the Notifications
