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अगर आपके बच्चे को है यूरिन इन्फेक्शन तो फ़ौरन हो जाएं सावधान
मूत्रमार्ग संक्रमण (यूरीनरी ट्रेक्ट इनफेक्शन- यू.टी.आई.) एक ऐसा संक्रमण है, जो कि मूत्रमार्ग में होता है। बच्चों में यह संक्रमण एक गंभीर समस्या है सही समय पर इस बीमारी का इलाज करना बेहद ज़रूरी होता है। आज हम अपने इस लेख में बच्चों में यूरिन इनफेक्शन के विषय में चर्चा करेंगे। आइए जानते हैं बच्चों के यूरिन से जुड़ी इस समस्या के बारे में।

बच्चों में यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण
1. बुखार आना
2. दर्दयुक्त मूत्रत्याग
3. चिड़चिड़ापन
4. बार-बार मूत्रत्याग
5. उल्टी
6. झागयुक्त, गहरा, रक्तयुक्त या दुर्गन्धयुक्त पेशाब होना
7. कुछ खाना पीना नहीं
8. पसली और कूल्हे की हड्डी के बीच के हिस्से में या पेट में दर्द
अगर आपको अपने बच्चे में यह सारे लक्षण दिखाई दे तो फौरन अपने डॉक्टर से सलाह लें और अपने बच्चे का इलाज करवाएं।
यूरिन इन्फेक्शन के कारण
अगर आपका बच्चा दिन भर में 4 से 5 बार पेशाब करता है तो यह एकदम नॉर्मल है लेकिन अगर वह बढ़ कर 7 से 8 हो जाए तो यह चिंता का विषय होता है। इस समस्या का सबसे बड़ा कारण होता है बैक्टीरिया। आमतौर पर आंत में रहने वाले बैक्टीरिया यूटीआई उत्पन्न करते हैं। इसके अन्य और भी कई कारण होते हैं जैसे कब्ज़, मूत्रत्याग हेतु प्रतीक्षा करना, तरल पदार्थ कम मात्रा में पीना।
यू.टी.आई. से बचने के उपाय
बच्चों को इस संक्रमण से बचाने के लिए आप कुछ तरीके अपना सकते हैं। जब भी आप अपने बच्चे की नैपी बदलें उसके नितम्बों को आगे और पीछे की तरफ से अच्छे से साफ़ कर लें। ज़्यादा देर तक उसे गंदे नैपी में न रखें। सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ ले। यदि आपका बच्चा यह बता सकता है कि उसे मल मूत्र त्याग करना है तो उसे साफ सफाई के विषय में अच्छे से समझाएं। हर बार मूत्र त्याग करने के बाद उसे अपने गुप्तांग को पानी से धोना सीखाएं।
इस प्रकार ऐसी छोटी छोटी बातों को ध्यान में रख कर आप अपने बच्चे को इस तरह के रोगों से दूर रख सकते हैं।
बच्चों में बार बार पेशाब होने की समस्या
बच्चे अकसर दिन में ज़्यादा पेशाब करते हैं लेकिन कई बार वे रात को भी बार बार पेशाब करने लगते हैं। धीरे धीरे यह समस्या बढ़ने लगती है और उनके मूत्र पर उनका नियंत्रण खोने लगता है। अंत में बूँद बूँद की मात्रा में उनका यूरिन निकलने लगता है।
बार बार पेशाब होने के कारण
1. डायबिटीज इन्सीपिंडस
2. पोटैशियम की कमी
3. सिर पर चोट लगना
4. अत्यधिक पानी पीने के कारण
5. मैनीटॉल चिकित्सा के कारण
6. डायबिटीज मेलीटस
बार बार पेशाब लगने से हो जाता है डिहाइड्रेशन
बच्चे हो या बड़े अगर अगर बार पेशाब आने की समस्या हो रही है तो ऐसे में डिहाइड्रेशन होना कोई नयी बात नहीं है। बार बार पेशाब लगने से प्यास भी अधिक लगने लगती है।
मूत्र रोग के लिए कुछ घरेलू उपचार
1. खीरे के रस में एक चमच नींबू का रस और शहद मिलाकर बच्चे को देने से उसे आराम मिलेगा।
2. मूली के पत्तों का रस भी ऐसी अवस्था में बच्चों के लिए फायदेमंद साबित होता है।
3. तिल के दानों के साथ गुड़ या फिर अजवाइन का सेवन भी बच्चों के लिए लाभकारी माना गया है।
4. अपने बच्चे को दही का सेवन हर रोज़ करवाएं।
5. रात के खाने में उबला हुआ पालक देने से बच्चे को बार बार पेशाब जाने की समस्या से कुछ राहत मिल सकती है।
आज कल की बदलती हुई जीवन शैली और व्यस्तता के कारण कई बार हम अपने बच्चों की सही देखभाल करने में पीछे रह जाते हैं जिसके कारण वो ऐसी कई छोटी बड़ी बीमारी का शिकार हो जाते हैं। अगर आपके मन में किसी भी प्रकार की शंका हो या फिर ऐसा कोई भी लक्षण आप अपने बच्चे में देखें तो खुद उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर ले लें ताकि उनकी यह बीमारी कोई गम्भीर रूप न ले।



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