Latest Updates
-
Saif Ali Khan की पहली शादी में क्यों शामिल नहीं हुई थीं बहन सबा? बताया 50 की उम्र में भी क्यों हैं कुंवारी -
Lion's Gate Portal 2026: क्यों इतना खास है 8 अगस्त का दिन? ऐसे मेनिफेस्ट कर सकते हैं अपनी सबसे बड़ी इच्छा -
बारिश के मौसम में सुबह चेहरे पर लगाएं ये 3 चीजें, दिनभर फ्रेश और ग्लोइंग नजर आएगी स्किन -
8 या 9 अगस्त, कामिका एकादशी कब है? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
National Handloom Day: अपने वॉर्डरोब में शामिल करें ये 7 मशहूर हैंडलूम साड़ियां, हर मौके पर मिलेगा शाही लुक -
80 की उम्र में अकेले जिंदगी जी रही हैं उषा नाडकर्णी, बेटा नहीं मानता मां, एक्ट्रेस ने बयां किया अपना दर्द -
National Handloom Day: जम्मू-कश्मीर से तमिलनाडू तक, जानें भारत में किस राज्य का कौन सा हथकरघा उत्पाद है मशहूर -
Rabindranath Tagore Death Anniversary: आज है रवीन्द्रनाथ टैगोर की पुण्य तिथि, यहां जानिए उनके अनमोल विचार -
विटामिन K की कमी हो सकती है शरीर के लिए घातक, जानें इसके लक्षण और फूड सोर्स -
Steel Vs Glass Container: स्टील या ग्लास कंटेनर, किसमें खाना स्टोर करना है ज्यादा सुरक्षित? जानें एक्सपर्ट से
क्या प्रसव के बाद माताओं के लिए घी खाना स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छा है?
वेजिटेबल ऑइल की तुलना में घी को ज़्यादा अच्छा माना जाता है। ऑलिव ऑइल के बाद घी को ही स्वास्थ्य के लिए अच्छा और पोषण से भरपूर माना गया है। आपको प्रतिदिन के भोजन में घी को अवश्य शामिल करना चाहिए।
हालाँकि घी का बहुत अधिक उपयोग हानिकारक हो सकता है, विशेष रूप से प्रसव के बाद। वे माताएं जिन्होंने अभी अभी बच्चे को जन्म दिया है उन्हें उच्च कैलोरी युक्त भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए, विशेष रूप से अधिक तेल वाले पदार्थ नहीं खाने चाहिए।
उदाहरण के लिए घी में कैलोरी और फैट्स होते हैं जिसका यदि अधिक मात्रा में सेवन किया जाए तो ये शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

आजकल स्त्री रोग विशेषज्ञ नई माताओं को सलाह देते हैं कि वे अपनी पसंद के भोजन में घी का इस्तेमाल संभलकर करें। पुराने समय में घर की बुज़ुर्ग औरतें नई माताओं को घी पीने की सलाह देती थी या भोजन में घी डालने के लिए कहती थी; हालाँकि आजकल यह सब झूठ है।
मिथक के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि नई माताओं के जोड़ कमज़ोर हो जाते हैं तथा केवल घी में ही यह गुण होता है कि वह जोड़ों को अच्छे से काम करने में सहायक होता है।

ऐसा भी कहा जाता था कि घी पीने से घाव जल्दी भरते हैं तथा अधिकाँश दादियों का ऐसा विश्वास है कि जब दूध पिलाने वाली माताओं को घी खिलाया जाता है तो दूध अच्छी गुणवत्ता का और अधिक मात्रा में आता है। तो नई माताओं के लिए घी किस प्रकार उपयोगी है? यदि आप नई नई मां बनी है तो आपके लिए इन तथ्यों को जानना बहुत आवश्यक है: प्रसव के पश्चात माताओं के जोड़ कमज़ोर नहीं होते न ही जोड़ों के बीच की चिकनाई कम होती है।

डॉक्टर ऐसा कहते हैं कि प्रसव के पश्चात आपकी हड्डियां कमज़ोर हो गयी हैं तो कैल्शियम से समृद्ध आहार लें। अपनी हड्डियों की ताकत बढ़ाने के लिए घी की तुलना में इन स्वास्थ्यप्रद पदार्थों का सेवन करना बुद्धिमत्तापूर्ण निर्णय है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि वे माताएं जो प्रसव के बाद अधिक मात्रा में घी का सेवन करती हैं उन्हें प्रसव के बाद तीन भयानक समस्याओं जैसे मोटापा, हृदय की समस्या और कोलेस्ट्राल लेवल बढ़ने आदि का सामना करना पड़ता है जो हृदय के लिए अच्छा नहीं है।
प्रसव के बाद अपने आहार से घी को निकाल दें, क्योंकि यह और कुछ नहीं बल्कि एक प्रकार का मक्खन है किस्में प्रचुर मात्रा में फैट होता है। हालाँकि यह स्वादिष्ट पदार्थ एक गर्भवती महिला के आहार का हिस्सा अवश्य होना चाहिए क्योंकि यह प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है तथा जब आप गर्भवती होती हैं तो घी आपको स्वस्थ और सक्रिय रखता है।
इन 4 कारणों से आपको अपने आहार में घी शामिल करना चाहिए:
1. घी सिरदर्द और माइग्रेन से संबंधित समस्याओं से आराम दिलाता है।
2. घी त्वचा के लिए लाभकारी होती है तथा साथ ही साथ यह शरीर के सूजन को कम करता है।
3. घी का सेवन गर्भवती महिलाओं में चयापचय की प्रक्रिया को बढ़ाता है जिसके कारण गर्भवती महिलाओं को बार बार थकान का अनुभव नहीं होता।
4. घी पेट के लिए अच्छा होता है। इससे कब्ज़ की समस्या दूर होती है जो गर्भवती महिलाओं की एक मुख्य समस्या होती है।



Click it and Unblock the Notifications