Latest Updates
-
Bhalchandra Sankashti Chaturthi 2026: 6 या 7 मार्च, कब है भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी? जानें शुभ मुहूर्त, महत्व औ -
वरमाला डालते ही अर्जुन ने सानिया चंडोक को लगाया गले, सचिन तेंदुलकर का ऐसा था रिएक्शन, वीडियो वायरल -
बिग बॉस 17 फेम यूट्यूबर अनुराग डोभाल ने की सुसाइड की कोशिश, इंटरकास्ट शादी को लेकर परिवार पर लगाए गंभीर आरोप -
प्रेग्नेंसी में कटहल खाना चाहिए या नहीं? डाइट में शामिल करने से पहले जान लें इसके फायदे-नुकसान -
होली पर पकवान खाकर पेट में जमा हो गई है गंदगी, तो बॉडी डिटॉक्स के लिए इन चीजों का करें सेवन -
Holi Bhai Dooj Katha: होली के बाद भाई दूज क्यों मनाते हैं? जानें भ्रातृ द्वितीया की पौराणिक कथा -
Holi Bhai Dooj 2026 Wishes: माथे की टीका...इन खूबसूरत संदेशों के जरिए अपनों को दें होली भाई दूज की शुभकामनाएं -
होली की रात शारीरिक संबंध बनाना शुभ है या अशुभ? जानें क्या कहते हैं शास्त्र और पौराणिक मान्यताएं -
Holi 2026: होली में ज्यादा पी ली है भांग, तो नशा उतारने के लिए आजमाएं ये घरेलू उपाय -
क्यों जलाई जाती है होलिका और क्यों खेलते हैं रंग? जानें होली से जुड़ी 5 अद्भुत और प्राचीन पौराणिक कहानियां
प्रेगनेंसी में व्रत रखते समय इन बातों का रखे विशेष ध्यान
तीज में अगर आप निर्जला व्रज करने का सोच रही हैं और आप प्रेगनेंट है तो एक बार डॉक्टर से व्रत रखने से पहले परामर्श जरुर लें।
जैसा कि तीज का त्योहार पास में ही है। ऐसे में उत्तर भारत में कई महिलाएं इस दिन अपने पति की दीघार्यु के लिए व्रत और उपवास करती हैं। अगर आप गर्भवती है तो व्रत करने से परहेज कर सकती है। क्योंकि ये प्रेगनेंसी में बेबीके लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, करवा चौथ, तीज और होई अष्टमी ऐसे ही त्यौहार हैं, जो महिलाओं के लिए परम्परागत तौर पर ,आवश्यक होते हैं।
अगर आप प्रेगनेंट है और कल व्रत कर रही हैं, तो आपको अपनी देखभाल की ज्यादा जरूरत होती है। ख़ास तौर पर, अगर ये व्रत निर्जला है तो ऐसे में आपको डॉक्टर से पूछताछ करने के बाद ही व्रत रखना चाहिए। आइए जानते है कि क्या प्रेगनेंसी में व्रत करना सुरक्षित होता है या नहीं और अगर आप व्रत कर रही है तो

क्या प्रेगनेंसी में फ़ास्ट करना सुरक्षित है?
हालांंकि, यदि आप पूर्ण स्वस्थ हैं, तो आप कुछ समय तक भूख को सहन कर सकती हैं। लेकिन यदि ऐसा नहीं है तो आपके लिए फास्टिंग तकलीफदेह भी हो सकती है। खासकर यदि फास्टिंग गर्मियों में हो तो आप खाली पेट पानी भी ठीक से नहीं पी पाते। ऐसे में, आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी के अलावा, पानी की कमी भी हो सकती है, ऐसे में गर्मियों में आपको व्रत रखने से पहले एक बार और सोचने की जरूरत होती है।


भूखे रहने से हो सकती है समस्या
- कमजोरी
- बेचैनी
- सिरदर्द
- बेहोशी
- चक्कर आना
- एसीडिटी
- घबराहट
- मल्टीविटामिन का सेवन जारी रखें
- ऐसे फलों का सेवन ज्यादा न करें, जिनमें शुगर हो
- चाय या कोफ़ी का सेवन न करें
- प्रेगनेंसी और व्रत एक साथ हो तो, तला हुआ तो कुछ भी न खाएं
- यदि मौसम गर्मी का है तो बाहर जाने से बचें और खूब सरे तरल का सेवन करें
- आराम आपके लिए बहुत जरूरी है, इसलिए पर्याप्त आराम जरूर करें
- कोशिश करें कि व्रत और प्रेगनेंसी के दौरान, भारी कार्य या एक्सरसाइज तो बिलकुल भी न करें
- फास्टिंग से आपका सिस्टम थोड़ा धीमा हो जाता है। इसलिए कुछ भी अचानक से खा लेने के बजाय पहले कोई तरल जैसे नारियल पानी जरूर पी लें।
- यदि आपको बहुत ज्यादा थकावट, बेहोशी, धड़कन का अनियमित होना, पेट में दर्द होना, उल्टी या मतली जैसी समस्याएं हो रही हैं तो डॉक्टर से तुरंत सम्पर्क करें।

निर्जला व्रत न रखे
वहीं कुछ व्रत तो बेहद कठिन होते हैं, उनमें पानी तक का भी सेवन वर्जित होता है। ऐसे में महिला का व्रत रखना उसकी और उसके होने वाले बच्चे की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। निर्जला व्रत बहुत कठिन होते हैं, ऐसे में गर्भवती डिहाइड्रेशन का शिकार भी हो सकती है जो मां और बच्चें दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। वहीं कुछ व्रतों में आप फलाहार कर सकती हैं। इस तरह के व्रत आपके लिए कुछ हद तक ठीक हो सकते हैं। जितना हो सके ताजे फलों का सेवन करिएं।




Click it and Unblock the Notifications











