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किटेनफिशिंग एक टॉक्सिक डेटिंग ट्रेंड, कौन है इसका जिम्मेदार?, कैसे रखें खुद को इससे सेफ
आप साइबर क्राइम में कैटफ़िशिंग, घोस्टिंग और शायद विशिंग के बारे में सभी जानते होंगे.. लेकिन क्या आप ने किटेनफ़िशिंग के बारें में सुना है। इसका नाम तो बड़ा क्यूट सा लगता है पर नाम जितना अच्छा है, काम उससे ज्यादा ही खतरनाक है। ये एक डेडिंग ट्रेंड है। लेकिन ये कोई आम डेटिंग ट्रेंड ना होकर टॉक्सिक डेटिंग ट्रेंड है। लेकिन इसको ट्रेंड करवानें में शायद हम सब में से ज्यादातर लोग दोषी है। आइये जानते हैं इसका क्या मतलब है और क्यों जोखिम से भरा हुआ है।

किटेनफ़िशिंग असल में है क्या?
क्या आपको याद है कि जब आपने पहली बार किसी डेटिंग ऐप पर साइन-अप किया था और आपको बेहतर या फनी दिखाने के लिए उसमें आप ने अपनी लाइफ से जुड़ी हुई कई छोटी लेकिन जरूरी बातों को भी वहां पर लिखा था। जिसमें आपकी हाईट से लेकर आपके चेहरे पर किस जगह पर तिल है, ये बात भी आप ने बता दी थी। ये सब बातें आपको छोटी लग रही होंगी लेकिन असलियत में ये आपके लिए आगे जाकर नुकसान करने वाली हो सकती हैं।
एक रिसर्च में ये साबित किया गया है कि पुरुष आमतौर पर अपनी हाईट को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं, वहीं विमेन्स और खास तौर पर यंग गर्ल्स अपने वेट को लेकर काफी कॉन्सश होती हैं इसलिए वो अपने वजन को लेकर सच नही्ं बताती हैं, इस बात की ज्यादा पॉसिबलटी होती है कि औरतें अपनी बॉडी वेट सही नहीं लिखती हैं। ये रिसर्च डेटिंग ऐप ओकेक्यूपिड द्वारा की गई है। इनके कलेक्ट किये गये डेटा के मुताबिक,एक फोटो जितनी अट्रैक्टिव होगी, उसके पुराने होने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।

क्या आपको किटेनफिशिंग बनाया जा रहा है ?
इस बात की संभावना है कि जब आप ये आर्टिकल पढ़ रही होंगी और आपने कभी ना कभी डेटिंग साइड पर जा कर किसी के संग डेट किया होगा..तो इस प्वाइंट पर आकर आप में से ज्यादातर लोगों को किटेनफिशिंग के अपने अनुभव याद आ रहे होंगे या आप खुद को ही दोषी मान रहे होंगे। ये आजकल डेटिंग की दुनिया में काफी कॉमन हो गया है।

आप किटेनफ़िशिंग से कैसे बच सकते हैं ?
ये बात काफी गंभीर है कि किटेनफ़िशिंग को कैटफ़िशिंग की तरह डेटिंग ऐप में बड़ा क्राइम नहीं माना जाता है, यानि की इसको काफी ज्यादा सीरियस नहीं लेते हैं। क्योंकि डेटिंग ऐप में जो भी अपनी प्रोफाइल बनाता है वो अपने आपको सबसे अच्छा दिखाने की पूरी कोशिश करता है, भले ही वो असल जिंदगी में इसके उलट हो। किसी के साथ डेट पर जाते वक्त अगर सावधानी नहीं परती गई तो आप सीधे अपने आप को ठगा हुआ पाएंगी, जो शुरू से ही सफेद झूठ बोल रहा है। इसके बाद से ये आपके लिए सिर्फ और सिर्फ तकलीफ करता रहेगा। अगर आप किसी ऐसे शख्स के साथ अपने रिश्ते को आगे बढ़ा रही हैं जिसने आपके साथ किटेनफिशिंग की है वहां पर उसका झूठ बोलते रहना डिफ़ॉल्ट है।

इससे कैसे करें अपना बचाव
1. नामुनासिब दावों पर ध्यान दें
अगर आप अपने पोटेंशियल मैच के साथ बातचीत पर पूरा ध्यान देते हैं, तो आप को उसकी उन बातों पर थोड़ा फोकस रखना होगा जो आपको सही नहीं लगती हों या वो किसी ऐसे सबजेक्ट पर के बारे में सही तरह से जवाब ना दे पाता हो, जिसके बारेंं में वो काफी इमोशनल हो और उसने उसके बारें में अपनी प्रोफाइल में लिखा हो।
2. पूरी जानकारी का आभाव
किसी शख्स के लाइफ के उस पार्ट के बारे में डिटेल का अभाव है जिसके बारे में उन्होंने आपसे झूठ बोला है।अगर, एक उदाहरण के लिए, किसी ने अपनी डेटिंग प्रोफ़ाइल में अपनी नौकरी के बारें में हेडिंग लिखी हो, लेकिन उसकी बारीकियों के बारें में बताने में वो बच रहा हो, आप उससे इसको लेकर बातें करना शुरू कर दें, महीन-महीन डिटेल भी पूछे, तो शायद समझाने के वक्त वो कई गलतियां कर बैठे और उसकी सच्चाई सामने आ जाए।
3. अगर अपने को एक आइडियल के रूप में पेश करे तो
लास्ट में, साइकोलॉजिस्ट के अनुसार, अगर ऐसा लगता है कि आपके मैच में कोई खामी नहीं है, तो इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि वो बहुत अच्छे हो सकते हैं। इस स्तर पर, ये आपको तय करना है कि आप आगे चेक करना चाहते हैं या नहीं। इस सवाल के जवाब के आधार पर आपको क्या करना है, इस पर आपको अपना निर्णय लेने की जरूरत होगी। नहीं तो आपकी लापरवाही किटेनफिशिंग होने से नहीं रोक सकती है।



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