संतुलित रहने के लिये करें ये चेयर एक्‍सरसाइज

चाहे आपकी उम्र कितनी ही क्यों ना हो, लेकिन नियमित व्यायाम को स्वस्थ रहने का और अवसाद से लड़ने का सबसे आसान तरीका माना जाता है। किन्तु हम में से कई लोग ऊर्जा, संसाधनों और समय की कमी के कारण नियमित रुप से जिम नहीं जा पाते।

मेरीलैंड़ के गैथर्सबर्ग का एक सतत ध्यान सेवानिवृत्ति समुदाय, अस्बरी मेथोडिस्ट गांव के स्वास्थ्य निदेशक कैथी मोक्सले (एम.ए) के अनुसार - वे लोग जो मोच और बढ़ती उम्र से होने वाले प्रभावों को रोकने की इच्छा रखते हैं उनके लिए व्यायाम बहुत जरुरी है। " मजबूत मांसपेशियां अर्थात वे जो हमारी वस्तुओं के भार को उठाने में तथा कुर्सी पर से आसानी से उठने में एवं तेज़ी से चलने में सक्षम हों। मजबूत मांसपेशियां हमे जोड़ों की समस्याओं से बचाती हैं, ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम कर आसन और पीठ दर्द में सुधार लाती हैं।"

अपनी मांसपेशियों की क्षमता को बढ़ाने से वयस्कों को भी फायदा हो सकता है। हाल ही में हुए एक अध्ययन के अनुसार 80 से 90 की आयु के बीच के नर्सिंग होम निवासियों को नियमित रुप से बल प्रशिक्षण देने से केवल दस हफ्तों में एक वॉकर के बजाय एक छड़ी के सहारे चलने में मदद मिली है।

 8 Chair Exercises for Better Balance & Strength

घर में किया जाने वाला सरल व्यायाम
सिल्वर स्नीकर्स के फिटनेस कोच मोक्सले और सिम्स मैकमेहोन ने एक राष्ट्रव्यापी स्वास्थ्य कार्यक्रम की शुरुवात की। बुढ़ापे के निकट पहुंचे वयस्कों के आधार पर तैयार किए गए इस कार्यक्रम में घर पर किए जाने वाले कुछ सरल व्यायाम शामिल हैं, जिन्हें हर कौशल और उम्र के व्यक्ति न्यूनतम उपकरणों - एक स्थिर कुर्सी, एक व्यायाम बैंड और एक दीवार की सहायता से कर सकते हैं।

1 लेग प्रेस: एक कुर्सी पर सीधा बैठें। अब अपने एक पैर को उठाएं और उस पैर पर इस व्यायाम बैंड़ को लपेटें और बैंड़ के दोनों कोनों को हाथ में पकड़ लें। अपने पैर को आराम से बाहर की ओर खींचे जब तक आपका घुटना पूरा सीधा नहीं हो जाता (अपने घुटनों के बीच की दूरी को बनाए रखें अथवा आपको चोट लग सकती है)। फिर धीरे-धीरे अपने पैर को वापस उसी मुद्रा में ले आएं लेकिन इस दौरान बैंड़ पर अपनी पकड़ को बनाए रखें। इस क्रिया को अपने दूसरे पैर के साथ भी दोहराएं।

2 बैठकर करें चेस्ट प्रेस: एक कुर्सी पर सीधा बैठें। अब इस बैंड़ को अपनी पीठ पर लपेटें और बैंड़ के दोनों कोनों को हाथों में पकड़ कर अपने हाथों को कांखों के बिलकुल नीचे रखें। अपने हाथों को बाहर की ओर खींचे जब तक कि आपकी कोहनी पूरी सीधी नहीं हो जाती। धीरे से अपने हाथों को अंदर की ओर लाएं जब तक कि आपके हाथ कांखों के बिलकुल नीचे वापस उसी मुद्रा में नहीं आ जाते।

3 बाइसेप्स कर्ल: एक कुर्सी पर सीधा बैठें और अपने पैरों को सामने जमीन पर रखें तथा अपनी जांघों को जमीन से समानांतर-रेखा पर रखें। अब इस बैंड़ को अपने दोनों पैरों के नीचे रखें और बैंड़ के दोनों कोनों को अपने दोनों हाथों में पकड़ लें। अपने हाथों को सीधा रखें और अपनी कोहनी को मोड़ते हुए अपने हाथों को कंधों तक ले जाएं। धीरे से अपने हाथों को नीचे लाएं-अपनी कोहनी को सीधा रखते हुए-जब तक कि आपके हाथ आपकी जांघों को नहीं छूते। इस अभ्यास के लिए आप बैंड़ के साथ अपने हाथों में कम वजनदार डम्बल या पानी से भरी छोटी बोतलें भी पकड़ सकते हैं।

4 सीटड़ रो: एक कुर्सी पर सीधा बैठें। अपने घुटनों को मोड़े और अपने पैरों को जमीन से समानांतर-रेखा पर रखें, अब अपने पैर को थोड़ा सा सामने की ओर खींचे। इस व्यायाम बैंड़ को अपने पैरों पर लपेटें और इस बैंड़ को आड़ा-तिरछा कर इसके कोनों को अपने प्रत्येक हाथ में पकड़ लें। अपने हाथों को पीछे की ओर बैन्ड़-आर्म रोइंग अवस्था में खींचे और ध्यान रहे कि पीछे से कंधे एक दूसरे को छूने की कोशिश करते रहें। धीरे से अपने हाथों को वापस उसी शुरुवाती मुद्रा में ले आएं।

5 क्रन्चस : एक कुर्सी पर सीधा बैठें। अपनी बांहों में बांहे ड़ालकर आराम से बैठें और अपने कंधों को कुर्सी से जोड़ते हुए पीछे की ओर झुकें। कुछ सेकंड़ों के लिए इस मुद्रा में बने रहें (याद रहे कि इस दौरान आप लगातार सांस लेते रहें) और फिर धीरे से वापस आप अपनी शुरुवाती मुद्रा में बैठ जाएं।

6 काफ रेज़स: एक ऊंचे मंच के किनारे पर खड़े होकर (जैसे कि सीढ़ियों की नीचली सीढ़ी) अपने पैरों की उंगलियों को नीचली सीढ़ी पर रखें और अपनी एड़ी को सीढ़ियों पर झूलाते हुए जमीन से समानांतर-रेखा पर रखें। अब स्थिर खड़े होकर अपनी एड़ियों को ऊपर की ओर उठाएं और केवल अपने पैरों की उंगलियों पर खड़े रहें। इस स्थिरता को बनाए रखने के लिए आपको एक कुर्सी या दीवार की जरुरत पड़ेगी। फिर धीरे से अपनी एड़ियों को नीचे लाएं और वापस उसी शुरुवाती मुद्रा में खड़े हो जाएं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, November 23, 2013, 15:03 [IST]
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