Latest Updates
-
Bhalchandra Sankashti Chaturthi 2026: 6 या 7 मार्च, कब है भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी? जानें शुभ मुहूर्त, महत्व औ -
वरमाला डालते ही अर्जुन ने सानिया चंडोक को लगाया गले, सचिन तेंदुलकर का ऐसा था रिएक्शन, वीडियो वायरल -
बिग बॉस 17 फेम यूट्यूबर अनुराग डोभाल ने की सुसाइड की कोशिश, इंटरकास्ट शादी को लेकर परिवार पर लगाए गंभीर आरोप -
प्रेग्नेंसी में कटहल खाना चाहिए या नहीं? डाइट में शामिल करने से पहले जान लें इसके फायदे-नुकसान -
होली पर पकवान खाकर पेट में जमा हो गई है गंदगी, तो बॉडी डिटॉक्स के लिए इन चीजों का करें सेवन -
Holi Bhai Dooj Katha: होली के बाद भाई दूज क्यों मनाते हैं? जानें भ्रातृ द्वितीया की पौराणिक कथा -
Holi Bhai Dooj 2026 Wishes: माथे की टीका...इन खूबसूरत संदेशों के जरिए अपनों को दें होली भाई दूज की शुभकामनाएं -
होली की रात शारीरिक संबंध बनाना शुभ है या अशुभ? जानें क्या कहते हैं शास्त्र और पौराणिक मान्यताएं -
Holi 2026: होली में ज्यादा पी ली है भांग, तो नशा उतारने के लिए आजमाएं ये घरेलू उपाय -
क्यों जलाई जाती है होलिका और क्यों खेलते हैं रंग? जानें होली से जुड़ी 5 अद्भुत और प्राचीन पौराणिक कहानियां
हाइपरथायरायडिज्म से निपटने के 8 प्राकृतिक तरीके
हाइपरथायरायडिज्म रोग में थायराक्सिन हार्मोन अधिक बनने लगता है। ये असमान्य अवस्थाएं किसी भी आयु वाले व्यक्ति में हो सकती है। कई बार इंसान को इस बीमारी के बारे में तब तक नहीं पता चलता जब तक कि उसे अवसाद, कम भूख, कब्ज, थकान, दुबलापन और कमजोरी ना लगने लगे। यह बीमारी पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा होती है। हांलाकि यह बीमारी दवाइयों तथा घरेलू उपचार करने से ठीक भी हो जाती है लेकिन फिर भी आइये देखते हैं कि हाइपरथायरायडिज्म को प्राकृतिक तरीके से कैसे ठीक किया जा सकता है।

हाइपरथायरायडिज्म से निपटने के 8 प्राकृतिक तरीके
सोया उत्पादों को ना खाएं- सोया उत्पाद थायरॉयड ग्रंथि को दबाता है और हार्मोन में असंतुलन पैदा करता है। इसलिये अपने भोजन में ना तो सोया उत्पाद लें और ना ही सोया तेल।
आयोडीन आहार खाएं- यह थायरॉयड हार्मोन टी4 और ट्राइडोथायरायडिज्म पर प्राकृतिक तरह से प्रभाव डालता है। कुछ आयोडीन आहार जैसे, दही, करौंदा, आलू, स्ट्रॉबेरी और डेयरी उत्पादों को आहार में शामिल करें।
फैटी एसिड- थायरॉयड से प्राकृतिक रूप से निपटने के लिये आपको डाइट में ओमेगा 3 फैटी एसिड लेना चाहिये, जो कि मछली में प्राप्त होगा।
साबुत अनाज- गेहूं, ब्राउन राइस, पास्ता, गेहूं की ब्रेड या फिर कोई भी ऐसा आहार जिसमें विटामिन बी सम्पूर्ण मात्रा में मिला हो।
ऑलिव ऑयल- बटर, सोया तेल, वेजिटेबल ऑयल आदि को ना खाएं क्योंकि इसमें कैलोरीज़ और जमी हुइ चर्बी ज्यादा होती है। इन तेलों की जगह पर ऑलिव ऑयल का तेल प्रयोग करें, इससे दिल की बीमारी नहीं होती है और वजन भी कंट्रोल में रहता है।
कैल्शियम वाले आहार- हाइपरथायरायडिज्म की वजह से हड्डी की ताकत और मजबूती कमजोर हो जाती है। तो अपने आहार में कैल्शियम वाले आहार बढाइये जैसे, चीज, टोफू, तिल के बीज, बादाम, दही, दूध, ब्रॉक्ली, सरसों आदि।
कैफीन ना खाएं- अगर आप कैफीन से युक्त कोई भी पेय पिएंगे तो आपको इस बीमारी में और भी समस्याएं आएंगी। कैफीन पीने से हार्ट रेट बढता है, घबराहट, चिंता और भूख भी कम लगती है। काली कॉफी से लेकर डार्क चॉकलेट तक जितने भी कैफीन युक्त आहार हैं, उन्हें ना खाएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











