Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
जानें शरीर से गॉल ब्लैडर निकालने से क्या होता है
आपको बता दें कि पित्ताशय की थैली, पाचन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में इस बात पर भरोसा कैसे किया जा सकता है कि पित्ताशय को निकाल देने पर शरीर पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
कई बार डॉक्टर, पित्ताशय में पथरी की समस्या के गंभीर हो जाने पर पित्ताशय को निकाल देने की सलाह देते हैं। अगर आपके शरीर से पित्ताशय को निकाल दिया जाये, तो जानिए क्या होगा।
पित्ताशय में होने वाली पथरी, शरीर को क्षति पहुँचाती है और रोगी को असहनीय दर्द होने लगता है। ऐसे में कई बार डॉक्टर ऑपरेशन या अन्य उपचारों से उसे निकाल देते हैं। परन्तु समस्या के गंभीर हो जाने पर कई बार पित्ताशय को निकालने की सलाह भी दी जाती है।
यह भी पढ़ें- पित्ताशय की पथरी के 11 घरेलू उपचार
आपको बता दें कि पित्ताशय की थैली, पाचन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में इस बात पर भरोसा कैसे किया जा सकता है कि पित्ताशय को निकाल देने पर शरीर की प्रक्रिया में किसी प्रकार का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

लेकिन अगर पित्ताशय में पनप रहा स्टोन यानि पथरी ही पाचन की क्रिया पर नकारात्मक प्रभाव डालती है तो डॉक्टर्स को अक्सर ये निर्णय लेना पड़ता है। कई रोगी, जिनका पित्ताश्य निकाला जा चुका है, दावा करते हैं कि इस सर्जरी के बाद पाचन क्रिया में कई बदलाव आ जाते हैं।
पित्ताशय, पाचन ट्रेक्ट से आने वाले बेकार तत्वों और लिवर से आने वाले बाइल को स्टोर करता है।, जब पित्ताशय निकल जाता है तो लिवर से निकलने वाला बाइल सीधे छोटी आंतों में चला जाता है।

पित्ताशय के न होने से छोटी आंत में इसके आने से लिवर और उसके बीच की प्रक्रिया में कुछ समय के लिए दिक्कत आती है। जिसकी वजह से कई बार रोगी को डायरिया भी हो जाता है। इसे क्लेसिस्टॉमी सिंड्रोम भी कहा जाता है, जो कि पित्ताशय निकलने के बाद कुछ दिनों तक रहता है।
आम धारणा के विपरीत, आपका पित्ताशय निकालने के बाद भी आपकी पथरी शरीर में रह सकती है। यह आपके ऑपरेशन से पहले बाइल में प्रवेश करने के कारण बनी रह सकती है। इसका मतलब, ऑपरेशन करवाने से आपको सिर्फ दर्द में राहत मिलती है, जरूरी नहीं है कि पथरी भी निकल ही जाएं।
आपको बता दें, पित्ताशय निकालने के कुछ सालों बाद आपको स्टोन की समस्या फिर से होने की संभावना बनी रहेगी। इसके लिए, आपको हेल्दी लाइफस्टाइल और डाइट को लेना होगा। तेल-मसाले युक्त भोजन से बचें।
नियमित रूप से डॉक्टर से चेकअप करवाते रहें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
