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हेल्दी और फिट रहने के लिए रोजाना सुबह उठते ही करें ये 5 योगासन
योग को डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं और रोजाना सुबह उठकर इसे करें तो यकीन मानिए आप कभी बीमार ही नहीं पड़ेंगे।
योगा करने से स्वास्थ्य बेहतर होता है ये तो सबको पता है लेकिन फिर भी लोग आलस की वजह से या टाइम की कमी के कारण योगा नहीं कर पाते हैं।
योग करने का सबसे सही वक़्त सुबह ही होता है और कई लोग इस समय उठकर योगा करना शुरू भी करते हैं लेकिन कुछ ही दिनों बाद वे इसे करना बंद कर देते हैं।
अगर आप सोचते हैं कि जब आपको कोई समस्या हो या बीमारी हो तो तभी योगा करना चाहिए और ठीक होने पर फिर बंद कर देना चाहिये तो आप गलत हैं।
योग को डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं और रोजाना सुबह उठकर इसे करें तो यकीन मानिए आप कभी बीमार ही नहीं पड़ेंगे। वजन कम करने सहित रोजाना योग करने से अस्थमा, पीठ दर्द और सांसो से जुड़ी कई समस्याएं अपने आप दूर हो जाती हैं।
इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही 5 ख़ास योगासनों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आप रोजाना सुबह उठते ही करें।

1- नटराजसन :
यह योगासन आपके स्पाइन और पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। इसे रोजाना सुबह बेड से उठते ही करना चाहिए।
करने का तरीका :
- ज़मीन पर लेट जाए। अपने दाहिने घुटने को मोड़ें और अपने दाहिने पैर को बाएं घुटने के बाहर की तरफ पर रखे। फिर अपने बाहों को जितना हो सके उतना बाहर की दिशा में फैलाएं।
- सांस ले और सांस छोड़ते हुए धड़ को बाई ओर मोड़ें और सिर को दाहिनी ओर मोडतें हुए दाएँ कंधे के ऊपर से देखें।
- कंधों को जमीन पर रखते हुए, दाहिने जांघ से जमीन को दबाएँ। जांघ को दबाने के लिए आप अपने बाएँ हाथ का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
- इस पोजीशन में कुछ देर बने रहें और सांसे लें।
- सांस छोड़ते हुए आराम करें।
- फिर पूरी प्रक्रिया दूसरी तरफ से दोहरायें।
- इससे रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ता है।
- इसे करने से फेफड़े सही तरीके से काम करते हैं।
- इससे आंतों की भी एक्सरसाइज हो जाती है इसलिए इसे सुबह उठते ही करें। इसे करने से बोवेल मूवमेंट नियंत्रित रहता है।
- इसे नियमित करने से दिमाग भी शांत रहता है।
- पैरों को मोड़कर नीचे जमीन पर ध्यान वाली मुद्रा में बैठ जायें।
- अपनी आंखों को बंद करें और अपनी सांसों पर फोकस करें।
- सांसो को अंदर लेते समय स्पाइन को बिल्कुल सीधा रखें और सांस बाहर छोड़ते समय स्पाइन को ढीला छोड़ दें।
- इस तरह करीब 20 बार सांसे लें।
- रीढ़ की हड्डी लचीली होती है।
- आपका मन पूरी तरह शांत हो जाता है।
- सबसे पहले ध्यान मुद्रा में आराम से बैठ जायें और कुछ देर गहरी सांसे लें।
- अब अंगूठे से नाक के एक छिद्र को बंद करें और उस समय बाकि उँगलियों को सीधा रखें। आप इस समय तर्जनी और उसके बगल वाले उंगली को दोनों भौहों के बीच में भी रख सकते हैं।
- एक नाक बंद रहते हुए दूसरे छिद्र से सांस अंदर लें और फिर उसे बंद करके अब दूसरे छिद्र से बाहर निकालें।
- इस तरह तर्जनी ऊँगली और अंगूठे की मदद से बार बार एक छिद्र से सांस अंदर लें और दूसरे से बाहर छोड़ें।
- इस पूरी प्रक्रिया को कम से कम 5 मिनट तक रोजाना करें।
- इसे करने से श्वसन तंत्र बेहतर तरीके से काम करने लगता है।
- इससे आपकी फोकस करने की क्षमता बढती है।
- इसे करने से मस्तिष्क के दोनों हिस्से सही तरीके से काम करते हैं।
- शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है।
- नीचे फर्श पर घुटनों के बल खडें हो जायें।
- अब अपने शरीर को आगे की तरफ झुकाएं जिससे सारा भार आपकी जांघों पर रहे।
- अब अपने सिर को नीचे जमीन पर स्पर्श कराएं।
- इस पोजीशन में आपका सीना आपकी जाँघों से चिपका हुआ होना चाहिए और हाथो को दोनों साइड में रखें।
- अब हाथो को और पीछे की तरफ ले जायें जिससे स्पाइन में खिंचाव महसूस हो।
- कुछ देर इसी पोजीशन में बने रहें और फिर वापस सामान्य पोजीशन में आ जायें।
- इसे करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है।
- स्ट्रेस और एंग्जायटी जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।
- आगे की तरफ झुकने से अंदरूनी अंग जैसे कि पेट, लीवर और किडनी की मसाज भी हो जाती है और साथ ही दिमाग भी रिलैक्स होता है।
- इसके लिए पेट के बल लेट जायें और हाथो को साइड में रखें।
- अपनी कोहनियों को मोड़ें और हथेलियों को सीने के पास लायें। इस पोजीशन में आपकी कोहनियां जमीन से उठी हुई होनी चाहिए।
- अब गहरी सांस अंदर लें और हथेलियों पर दवाब बनाते हुए शरीर को आगे की तरफ से उठायें।
- हथेलियों पर जोर लगाते हुए लगभग नाभि तक के हिस्से को ऊपर उठा लें और आपका सिर ऊपर की तरफ होना चाहिए।
- इस पूरी प्रक्रिया में घुटने बिल्कुल सीधे और जमीन से चिपके हुए होने चाहिए।
- इस पोजीशन में बने रहते हुए कुछ देर सांसे लें और फिर वापस नार्मल पोजीशन में आ जायें।
- इसे करने से स्पाइन, बाहें और कंधों को स्ट्रेच मिलता है।
- हार्ट और फेफड़े बेहतर तरीके से काम करने लगते हैं।
- थकान और स्ट्रेस से छुटकारा मिलता है।
- हिप्स को सही शेप मिलता है।
नटराजसन करने के फायदे :

2-सुखासन :
इस योगासन को करने में बहुत कम मेहनत करनी पड़ती है इसीलिए इसे सुखासन नाम दिया गया है। सोकर उठने के बाद एकदम रिलैक्स होकर इस आसन को करें।
करने का तरीका :
सुखासन करने के फायदे :

3- नाड़ी शोधन प्राणायाम :
इस योगासन को करने से आपका नर्वस सिस्टम बेहतर तरीके से काम करने लगता है और इससे शरीर में उर्जा का संचार बढ़ जाता है।
करने का तरीका :
नाड़ी शोधन प्राणायाम के फायदे :

4- बालासन :
इस योगासन को करना भी बहुत आसान है। इसे रोजाना करने से माइंड रिलैक्स होता है साथ ही स्ट्रेस दूर होता है।
करने का तरीका :
बालासन के फायदे :

5-भुजंगासन (Cobra Pose) :
अगर आपको पीठ के बल सोने की आदत है तो सुबह उठने के बाद इस एक्सरसाइज को ज़रूर करें। इससे बिना ज्यादा मेहनत किये पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग हो जाती है।
करने का तरीका :
भुजंगासन करने के फायदे :



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