जानिए कैसे मनाया जाता है देश के विभिन्न हिस्सों में नवरात्रि का त्योहार

भारत अपने त्योहारों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहां हर महीने कोई न कोई त्योहार ज़रूर मनाए जाते हैं। चाहे पर्व छोटा हो या बड़ा, लोग पूरे उत्साह और जोश के साथ इन्हें मनाते हैं। हालांकि इन त्योहारों का मनाने का इनका तरीका अलग होता है लेकिन चारों ओर इनकी धूम देखने लायक होती है।

प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी अक्टूबर के माह में शारदीय नवरात्रि का उत्सव मनाया जा रहा है। एक बार फिर माता रानी अपने भक्तों को दर्शन देने और उनके सभी कष्टों का निवारण करने आयी हैं। हर कोई पूरे श्रद्धा भाव से माता की आवभगत में लगा हुआ है। पूरे नौ दिनों का यह पर्व बहुत ही पवित्र माना जाता है जिसमें माँ दुर्गा के नौ रूपों की उपासना की जाती है। सभी अपने अपने तरीके से माता का स्वागत करते हैं।

Different Ways Of Celebrating Navratri In India

गुजरात में लोग नौ दिनों तक लोग गरबा रास करते हैं तो वहीं पश्चिम बंगाल में यह दुर्गा पूजा के रूप में प्रसिद्ध है फिर भी सभी का उद्देश्य एक ही होता है और वह है देवी माँ को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करना।

शारदीय नवरात्रि हर साल अक्टूबर माह के शुक्ल पक्ष को पड़ती है (इसे देवी पक्ष भी कहा जाता है)। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 10 अक्टूबर को हुई है जो 18 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगी। 19 अक्टूबर को लोग विजयदशमी का त्योहार मनाएंगे। इस पर्व को मनाने का सबका तरीका अलग होता है लेकिन हर जगह इसकी धूम पूरे नौ दिनों तक रहती है।

Different Ways Of Celebrating Navratri In India

नौ दिनों के बाद दशमी पर दशहरा या बिजोय दशमी मनाया जाता है इस दिन माता दुर्गा की प्रतिमा को नदी में विसर्जित किया जाता है। नवरात्रि के हर एक दिन का अपना एक अलग ही महत्त्व होता है। आइए जानते हैं देश के कोने कोने में कैसे मनाई जाती है नवरात्रि।

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा

पश्चिम बंगाल और दूसरे पूर्वी राज्यों में नवरात्रि को दुर्गा पूजा के रूप में मनाया जाता है। यहां यह पर्व छठे दिन से बोधन (माता के आह्वान) से शुरू होता है और दसवें दिन तक चलता है। इस जगह पर देवी दुर्गा को बेटी के रूप में पूजा जाता है जो अपने ससुराल से मायके आती है।

गुजरात में गरबा रास

गुजरात में गरबा रास

गुजरात में मिट्टी के घड़े को गरबा के प्रतीक के रूप में रखा जाता है जिसके चारों ओर लोग गरबा खेलते हैं। यह एक प्रकार का परंपरागत नृत्य होता है। गरबा के अलावा नवरात्रि के दौरान गुजरात में डांडिया रास भी काफी चर्चित है।

तमिलनाडु का बोमई गोलु

तमिलनाडु का बोमई गोलु

नवरात्रि आरंभ होते ही यहां पर परंपरागत डॉल्स दिखने लगती हैं। इन डॉल्स को 7, 9 या 11 के ऑड नंबर में लगाया जाता है। नवरात्र के दौरान इन गुड़ियों की पूजा की जाती है। लोग अपने घरों में दिए जलाते हैं और भजन भी गाते हैं।

बतुकम्मा उत्सव आंध्र प्रदेश

बतुकम्मा उत्सव आंध्र प्रदेश

जहां पश्चिम और उत्तर राज्यों में इस त्योहार को लोग धूम धड़ाके के साथ मनाते हैं, वहीं दक्षिण राज्य में इस पर्व को बहुत ही साधारण तरीके से मनाया जाता है।फूलों से सात सतह से गोपुरम मंदिर की आकृति बनाई जाती है। बतुकम्मा को महागौरी के रूप में पूजा जाता है।

महाराष्ट्र में नवरात्रि

महाराष्ट्र में नवरात्रि

गुजरात की तरह महाराष्ट्र में भी नवरात्रि में गरबा का आयोजन किया जाता है लेकिन इस दौरान यहां एक अनोखी परंपरा होती है जिसमें विवाहित महिलाएं एक दूसरे को अपने घर आने का न्योता देती हैं और उन्हें सुहाग की चीज़ें जिसे सिन्दूर, बिंदी, कुमकुम आदि से सजाती हैं।

केरल में नवरात्रि

केरल में नवरात्रि

केरल में नवरात्रि केवल आखिरी के तीन दिनों में मनाई जाती है। यहां लोग अपनी किताबें माँ सरस्वती के चरणों में रखकर उनसे ज्ञान और सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं। यहां के लोग इसे बहुत ही शुभ मानते हैं।

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आमतौर पर नवरात्रि मनाने का सबका अपना अपना एक अलग तरीका है लेकिन यह त्योहार हर भारतीय के दिल के करीब है। जहां बिहार और उत्तर प्रदेश में दशहरे पर रामलीला का आयोजन किया जाता है वहीं पश्चिम बंगाल में विजय दशमी पर एक दूसरे के घर जाकर बधाइयां देते हैं और आपसी प्रेम को बढ़ाते हैं।

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