Latest Updates
-
Prateek Yadav Death: प्रतीक यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, इस मेडिकल कंडीशन के चलते हुई मौत -
PCOS का नाम बदलकर हुआ PMOS, जानिए क्या है इसका मतलब और क्यों रखा नया नाम -
प्रतीक यादव ने ऐसे किया था अपर्णा यादव को प्रपोज, 10 साल बाद हुई थी दोनों की शादी, बेहद फिल्मी है लव स्टोरी -
Sonia Gandhi Health Update: सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी, गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती -
कौन थे प्रतीक यादव? जानें अखिलेश यादव के भाई की कैसे हुई मौत, कितनी संपत्ति के मालिक थे, परिवार में कौन-कौन -
Apara Ekadashi Vrat Katha: अपरा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों और प्रेत योनि से मिलेगी मुक्ति -
Apara Ekadashi 2026 Wishes In Sanskrit: अपरा एकादशी पर अपनों को भेजें ये मंगलकारी संस्कृत संदेश और दिव्य श्लोक -
Apara Ekadashi 2026 Wishes: अपरा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें भगवान विष्णु के आशीर्वाद भरे ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 13 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Cannes 2026 में छाया आलिया भट्ट का प्रिंसेस लुक, पहली झलक देखते ही फैंस हुए दीवाने
सावन में मेहंदी की जगह हाथ और पैरों में लगाएं आलता, देखें लेटेस्ट डिजाइन
सावन के इस पवित्र महीने मेहंदी लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है। कई बार काम की वजह से महिलाओं के पास मेहंदी लगाने का टाइम नहीं होता है। अगर आपके पास भी मेहंदी लगाने का टाइम नहीं है तो आप हाथ पैरों में आलता का इस्तेमाल कर सकते है। आलता भी मेहंदी की तरह शुभ होता है। आलता भी सोलह श्रृंगार का हिस्सा माना जाता है। बिहार और बंगाल में आलता सुहागन महिलाओं के लिए बेहद शुभ माना जाता है।

आलता लगाने में ज्यादा समय नहीं लगता है। बता दे कि भगवान कृष्ण मां राधा के पैरों में खुद आलता लगाते थे। भारत में पहले महिलाएं हाथ पैरों में आलता लगाती थी। लेकिन बाद मुस्लिम शासकों के आने के बाद भारत में मेहंदी यानी हिना का चलन शुरु हो गया है। आज के समय में मेहंदी भारत में ट्रेंड बन गया है। मेहंदी के साथ साथ आलता का क्रेज आज भी महिलाओं में देखने को मिलता है। सावन में सोलह श्रृंगार करने के लिए आप पैरों में आलता लगा सकती हैं। चलिए देखते हैं आलता के लेटेस्ट डिजाइन।

सिंपल डिजाइन
आलता लगाने के सबसे बड़ा फायदा है कि आलता को सुखाने में ज्यादा समय नहीं लगता है। आलता लगाने के बाद रंग की भी चिंता करने की जरुरत नहीं होती है। बॉलीवुड फिल्मों से भी आलता काफी पॉपुलर हुआ है। फिल्मों में आलता के नए नए डिजाइन दिखाए गए थे।

खूबसूरत आलता डिजाइन
आलता का इस्तेमाल काफी सालों के किया जा रहा है। वहीं आलता में कई मॉर्डन डिजाइन भी लगाएं। सावन के महीने में मेहंदी लगाने की बजाए आप आलता का इस्तेमाल कर सकते हैं।

आलता आउटलाइन डिजाइन
आप ब्रश की मदद से आलता से बारीक डिजाइन बना सकते हैं। आलता से आप एरेबिक, बेल डिजाइन बना सकते हैं। आलता के साथ आप व्हाइट कलर का आलता का इस्तेमाल कर डिजाइन में चार चांद लगा सकते हैं।

ट्रेंडी डिजाइन
सावन के महीने में आप सिंपल डिजाइन में आलता लगा सकते हैं। ब्रश की मदद से आप हाथ पैरो में आलता लगा सकते है। आलता का इस्तेमाल बंगाल, उड़ीसा और बिहार जैसे राज्यों में किया जाता है। आलता को सुहाग की निशानी माना जाता है। आलता को पान के पत्ते या फिर लाक से बनाया जाता है जो कि तनाव को कम करता है।



Click it and Unblock the Notifications