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जिम में ज्यादा वर्कआउट करने के हो सकते हैं ये नुकसान
हम आपको कभी यह सलाह नहीं देगें कि आप अपनी जिम की वर्कआउट को मिस कर दें। पर जिम में बहुत ज्यादा कसरत करने से भी कोई भला नहीं पहुंचता। जिम में हमेशा अपनी क्षमता अनुसार ही वर्कआउट करना चाहिये।
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लेकिन कुछ लोग मसल्स बनाने या वजन कम करने के चक्कर में हद से ज्यादा वर्कआउट करते हैं, जिससे खुद को चोट पहुंचती है। दोस्तों, कभी-कभी थकान होना अलग बात है लेकिन सांस भूलना या सांस ज्यादा उफनना सही नहीं है।
आइये जानते हैं जिम में हद से ज्यादा वर्कआउट करने के क्या नुकसान झेलने पड़ कसते हैं आपको।

सांस भूलना
एक्सरसाइज़ के दौरान सांस उफनना ठीक है लेकिन जब आप वर्कआउट नहीं कर रहे हैं तब भी ऐसा होता है तो आप यह वर्क आउट ज्यादा कर रहे हैं। यदि आप रुक जाते हैं या एक विराम ले लेते हैं तो यह 60 सेकंड में ठीक हो जाता है। यदि आपको सांस जल्दी नहीं आती है तो इसका मतलब है कि आपने वर्कआउट ज्यादा हार्ड किया है। ऐसी स्थिति में ठीक होने में थोड़ा समय लगता है लेकिन शरीर सामान्य काम करता है। फिर भी यदि आपको पैरों और टखनों में सूजन, तेज बुखार, खांसी, सर्दी लगना, अंगुलियों का नीला पड़ना और घरघराहट होती है तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए ये हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं।

सीने में परेशानी
किसी बड़े व्यायाम के बाद यदि सांस घुटने के अलावा सीने में बेचैनी महसूस होती है तो इसे हल्के में न लें। यह हार्ट अटैक या एंजिमा (रुधिर कोशिकाओं में रुकावट होना जिससे हृदय तक रक्त और ऑक्सीज़न नहीं पहुँच पाती है) का लक्षण हो सकता है। ध्यान दें: सीने के सारे दर्द एक जैसे होते हैं चाहे वह जलन हो, चोट लगी हो या भारीपन हो।

उबाक और उल्टी आना
यह जाहिर सी बात है कि व्यायाम के दौरान या बाद में खाया-पिया निकाल देना सही नहीं है। यदि आपको यह ज्यादा हो रहा है तो आपको जिम में आपने आहार में बदलाव करने की आवश्यकता है। वर्कआउट के दौरान उल्टी जैसा होता है तो इसका मतलब है कि आपको डिहाईड्रेशन है या आपके शरीर में गर्मी हो रही है। गर्मी से थकान महसूस होने पर आपको तुरंत ठंडी जगह पर आराम करना चाहिए, यदि आप इसे नजर अंदाज करते हैं तो इससे हीट स्ट्रोक, शरीर के अंगों में खराबी या मौत भी हो सकती है।

बुखार
बीमारी के दौरान व्यायाम करने की सलाह नहीं दी जाती है खास तौर पर जब आपको बुखार हो। यदि बुखार 100.5 डिग्री से ज्यादा हो तो आपको वर्कआउट नहीं करना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो आप अपने आपको वायरल मायोकार्डिटिस के खतरे में डाल रहे हैं। वायरल मायोकार्डिटिस हृदय की मांसपेशियों में सूजन है और खतरनाक साबित हो सकती है। बुखार में व्यायाम करने पर वायरल मायोकार्डिटिस के अलावा डिहाईड्रेशन और ओवर हीटिंग का खतरा भी बढ़ जाता है।

मांसपेशियों में दर्द
वर्कआउट के दौरान या इसके आधे से एक घंटे के बीच आपको जोड़ों में दर्द भी हो सकता है। लेकिन यदि इसके बाद भी यह होता है तो सावधान रहने की आवश्यकता है। यदि वर्कआउट के अगली सुबह भी जोड़ों में दर्द होता है तो इसका मतलब है कि आपने वर्कआउट ज्यादा कर लिया है। यदि सामान्य दिनों में भी ऐसा दर्द रहता है तो आपको कुछ आराम की आवश्यकता है।

मन में बदलाव
यदि आप शारीरिक रूप से सही नहीं कर पाते हैं तो मानसिक रूप से आप बोर सा महसूस करने लगते हैं। शारीरिक गतिविधियां जहां तनाव और चिंता को कम करने से जुड़ी हैं तो ज्यादा करने से एक चिड़चिड़ापन और बोरियत होने लगती है। एथलीटों के साथ होता है कि यदि वे ज्यादा वर्कआउट करते हैं तो वे अपनी प्रतिद्वंदीता(कंपीटीशन) की भावना छोड़ देते हैं

सही नींद नहीं आना
दिन में एक्टिव रहने से आपको रात को अच्छी नींद आती है। लेकिन यदि आप ज्यादा वर्कआउट जर रहे हैं तो इसका उल्टा हो सकता है। ज्यादा वर्कआउट करने से बेचैनी, थकान, नींद नहीं आना या ज्यादा आना जैसी परेशानियाँ हो सकती हैं लेकिन जब आप इसे कम कर देते हैं तो आपकी नींद सामान्य होने लगती है।

व्यायाम कम कर पाना
यदि आप लगातार वर्कआउट कर रहे हैं तो ध्यान दें कि आपका परफॉर्मेंस सुधरा है या वैसा ही है। यदि आपको थकान पहले से ज्यादा हो रही है तो हो सकता है कि आप ज्यादा कर रहे हैं। इसलिए जब भी वर्कआउट करें तो क्वालिटी पर ध्यान दें न कि क्वान्टिटी पर। आप यदि सोचते हैं कि सिर्फ ज्यादा व्यायाम करना ही फायदेमंद है तो आप गलत हैं।



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