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सिलबट्टा में चटनी पीसने के होते हैं ये फायदे, खाने में बढ़ाता है स्‍वाद

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पहले के जमाने में लोग खाना बनाने के लिए मसाले पीसने के लिए ओखली मूसल और सिल बट्टा का इस्तेमाल किया करते थे। बेशक इन चीजों में मसाला पीसने में मेहनत और समय दोनों खर्च होते थे लेकिन खाने का जो स्वाद आता था, वो बहुत ही कमाल का होता था।

लेक‍िन आजकल लोग समय बचाने के साथ जल्‍दी- जल्‍दी काम न‍िपाटने के ल‍िए ग्राइंडर, ब्लेंडर और मिक्सर आदि का इस्तेमाल करते हैं।आपको बता रहे हैं कि सिल बट्टा या ओखली मूसल में चटनी या मसाला पीसने से आपको क्या-क्या फायदे होते हैं।

बदल जाता है स्‍वाद

बदल जाता है स्‍वाद

इसी तरह इलेक्ट्रिक पारम्परिक तरीकों से चटनी या मसाला पीसने से उनका नैचुरल स्वाद बना रहता है। अक्सर इलेक्ट्रॉनिक मशीनों की मदद से मसाले पीसने से मसालों के स्वाद बदल जाते हैं। दरअसल इन मशीनों को चलाने से जार में गर्मी पैदा हो जाती है जो मसालों के स्वाद को प्रभावित करती है। जबकि पारम्परिक तरीकों में मसाले नैचुरल हवा के सम्पर्क में रहते हैं और इसीलिए उनका स्वाद बरकरार रहता है। इसका सीधा मतलब है कि उनके पूरे फायदे मिलते हैं आपको।

बढ़ती है भूख

बढ़ती है भूख

जब आप सिल बट्टे पर मसाला पीसते हैं तो मसालों की खुश्बू धीरे-धीरे फैलती है। यह खुश्बू आपकी नाक के ज़रिए आपके दिमाग तक पहुंचती है और आपके दिमाग को इन मसालों के स्वाद के प्रति आकर्षित करती है। इस तरह भोजन में आपकी रूचि भी बढ़ती है जिससे आपकी भूख भी बढ़ती है।

नहीं होती है कमजोरी

नहीं होती है कमजोरी

यदि आप सिल बट्टे में पिसी हुई दाल या फिर चटनी का सेवन करते हैं तो, शरीर को अंदर से ताकत मिलती है। पुराने समय के लोग इसल‍िए सिलबट्टे से चटनी या मसाले को पीसकर खाया करते थे।

 मोटापा

मोटापा

सिल बट्टा आपके मोटापे को भी कम कर सकता है। जी हां, अगर आप इसमें किसी चीज को पीसते हो तब यह एक तरह से आपको व्यायाम करवाता है। और इसका असर ये होता की आपकी चर्बी धीरे-धीरे घटने लगती है और आप आसानी से पतले होने लगते हो। लेकिन इसके लिए आप रोज कुछ ना कुछ इस पत्थर की सिला पर पीसना होगा।

नहीं होती है सिजेरियन डिलीवरी

नहीं होती है सिजेरियन डिलीवरी

आपने देखा होगा क‍ि गांव में आज भी ज्‍यादात्तर नॉर्मल डिलीवरी होती हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है की वे आज भी गांव में सिल बट्टे का प्रयोग करती हैं। क्योंकि जब सील बट्टे को प्रयोग किया जाता है तब उससे एक तरह से यूटरेस का व्यायाम भी होता चला जाता है। इस वजह से भी नॉर्मल डिलीवरी होती है।

एक और फायदा ये भी है

एक और फायदा ये भी है

अगर आप चटनी या दाल पीसने के लिए सिल बट्टे का इस्तेमाल करते हों तो इससे बिजली की खपत नहीं होगी। क्योंकि मिक्सर ग्राइंडर आपकी सबसे अधिक बिजली को फूंकता है। इसलिए आप जरूर करें इसका प्रयोग।

English summary

Benefits of Grind Chutneys on Mortar and Pestle, Silbatta or Stone Grinder

When you pound your spices and herbs on a traditional mortar and pestle or stone grinder, your food becomes tastier and more flavourful!
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