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ट्रैकिंग पर जाने से पहले करें सही प्लानिंग, कहीं एक चूक से इस एडवेंचर्स ट्रिप पर पानी न फिर जाएं
ट्रैकिंग सुनने मे जितना अच्छा लगता है, उतना ही दिलचस्प भी होता है। जो लोग एडवेंचर पसंद करते हैं उनकी लिस्ट में ट्रैकिंग हमेशा टॉप पर होता है। ट्रैकिंग पर जाना सबको अच्छा लगता है, भला किसे घूमना और अलग तरह का अनुभव करना पसंद नहीं आएगा। परंतु ट्रैकिंग पर जाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है।
जैसे सबसे पहले अपना मेडिकल टेस्ट करा ले और देख ले की आप मेडिकली फिट है या नहीं कहीं ऐसा ना हो की आप जाएं ट्रैकिंग के बीच ही आपकी तबियत बिगड़ जाए, ऐसे में ट्रैकिंग का मजा बिगड़ सकता है। ट्रैकिंग पर जाने से पहले खुद को शारीरिक रुप के साथ खुद को मानसिक रुप से भी तैयार कर लें। जाने से पहले सुनिचित करले कि आपके पास ट्रैकिंग से जुड़ा सारा सामान है या नहीं भी जो समय पर काम आ सके।
वरना आपकी थोड़ी सी लापरवाही आपके एडवेंचर पर पानी फेर सकता है। आइए जानते है कि ट्रैकिंग पर जाने से पहले किन बातों का विशेष ध्यान रखना होता है जो आपके ट्रिप को खराब होने से बचा सकता है।

रनिंग और जॉगिंग करना शुरु कर दें
आपने बहुत लोगों को ट्रैकिंग से आने के बाद पैरों में दर्द की शिकायत करते सुना होगा। इसलिए जब आपने ट्रैकिंग पर जाना हो तो उसे कुछ दिन पहले रनिंग और जॉगिंग करना शुरू कर दें, जिससे आपको वापस आने पर ज्यादा दिक्कत न हो।

बैग को ज्यादा न भरें
अगर चाहते है ट्रिप का मजा किरकिरा न हो तो ट्रैकिंग पर अकेले हो या ग्रुप में साथ ले जाने वाला सामान हमेशा कम रखें। अपने बैग में जरूरी सामान ही रखें। जैसे दवाइयां, टोर्च, छाता आदि। फालतू का सामान बैग का वजन बढ़ाएगा और रास्ते में आपको ही परेशानी हो सकती है।

जगह के बारे में पूरी इंफॉर्मेशन ले लें
सबसे पहली बात जिसका आपको ख्याल रखना है वो यह कि आप जहां भी ट्रैकिंग करने जा रहे हैं उस जगह के बारे में पहले ही मालूम कर लें। कोई जगह जितनी भी खूबसूरत क्यों न हो, अगर वहां ट्रैकिंग के लिए मनाही है तो वहां बिल्कुल न जाएं। अगर आप अकेले ट्रैकिंग पर जा रहे हैं तो गाइड से रास्तों की जानकारी ले लें। उन्हीं रास्तों को फॉलो करें। कोई नया रास्ता आपको परेशानी में डाल सकता है। गाइड की बातों को कभी भी नजरअंदाज न करें।

पहने सही जूते
ट्रैकिंग पर जाना कोई आसान बात नहीं होती है, इसके लिए आपको बहुत सारी चढ़ाई चढ़ने होगी। हल्के जूते पहनने से आपके चढ़ाई करते वक्त दिक्कत आ सकती हैं और पांव, इधर-उधर फिसल सकता हैं। इसका मतलब ये भी नहीं है कि आप हैवी जूते जैसे लैदर शूज पहनकर ट्रैकिंग पर निकल जाएं। आप ट्रैकिंग के लिए स्पोर्ट्स शूज ही पहनें। इससे आपको

सही ड्रेस का करें चुनाव
ट्रैकिंग के लिए सही ड्रेस का चुनाव करना बेहद जरुरी होता है, क्योंकि आप जितना कम्फर्ट महसूस करते हैं, उतना ही आराम से ट्रैकिंग का लुत्फ उठा पाते हैं। ऐसा कपड़ा भी न ले जिसमें आपको गर्मी या चुंभन महसूस होने लगे और ऐसे भी कपड़े न लें जिसमें आपको कुछ ज्यादा ठंड महसूस होने लगें। इस दौरान पूरे कपडे़ पहने ताकि कीड़े मकोड़े आपको न काटे। हमेशा अपने साथ रेनकोट और विनचीटर ज़रूर रखे मौसम कभी भी बदल सकता है। क्योंकि पहाड़ी मौसम को कोई अंदाजा नहीं होता है।

फर्स्ट एड किट जरुर साथ रखें
ट्रैकिंग के वक्त अपने बैग में फर्स्ट एड किट जरुर रखें। क्योंकि उबाड़-खबाड़ रास्तों में कभी भी चोट लगने का खतरा बना रहता है। ऐसे में फर्स्ट एड किट जरुर साथ रखें, जिसमें गॉज-पट्टी, कैंची, एंटी- बॉयोटिक ऑइंटमेंट, पेन किलर और चोट पर लगाई जाने वाले दवा जरुर रखें।

ट्रैकिंग करने के फायदें
ट्रैकिंग, अपने आप में है एक बेस्ट एक्सरसाइज है। 1 घंटे की ट्रैकिंग से एवरेज 600 कैलोरी बर्न होती है l ट्रैकिंग करने से बॉडी का वर्कआउट एक साथ हो जाता है। कई रिसर्च से पता चला है कि ट्रैकिंग से दिल को मजबूत बनाता है, ट्रैकिंग से ब्लड सरकुलेशन एवं श्वसन तंत्र मजबूत होता है, इसके अलावा ट्रैकिंग करने से तनाव कम होता है तथा डिप्रेशन में भी मददगार हो सकता है। ट्रैकिंग अगर आप किसी ग्रुप में कर रहे हैं तो इससे आपको सोशलाइज्ड होने का मौका मिलता है।
साथ ही आप नेचर के पास ज्यादा से ज्यादा टाइम स्पेंड करते हैं।



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