5 सितंबर से पितृपक्ष शुरु, श्राद्ध में ना दोहराएं ये गलतियां, जानिए..

Posted By: Salman Khan
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इस बार पितृपक्ष 5 सितंबर से शुरु हो रहे हैं और हिंदू धर्म में पितृपक्ष को बहुत ही आदर के साथ अपने पूर्वजों को खुश करने के लिए मनाया जाता है। पितृपक्ष का हिंदू धर्म में बहुत बड़ा महत्व है। ऐसी मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान अपने पितृगणों का श्राद्ध करने से घर में सुख समृद्धि बनी रहती है। इसलिए ऐसी चीजों से करने से बचें जिससे आपके पूर्वजों की नाराजगी आपको झेलनी पड़ सकती है।

जानवरों और पक्षियों को ना मारें

जानवरों और पक्षियों को ना मारें

14 दिन तक लगातार चलने वाले पितृपक्ष के दौरान आपको घर के आसपास आने वाले जानवरों ये पक्षियों को मारने से बचना चाहिए। क्यूंकि कोई नहीं जानता कि हमारे पूर्वज किस रूप में हमें आशिर्वाद देने आएंगे। इसलिए इस दौरान किसी भी जानवर या पक्षियों को घर से ना भगाएं और ना ही मारें।

पितृपक्ष में ना करें शुभ काम

पितृपक्ष में ना करें शुभ काम

पितृपक्ष के दौरान ऐसा माना जाता है कि घर में शुभ कार्य नहीं करने चाहिए और ना ही कोई नई चीज खरीदनी चाहिए। पितृपक्ष का पूरा समय सिर्फ अपने पूर्वजों को याद करने के लिए और उनका श्राद्ध करने के लिए होता है। लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती और वो घर में इस दौरान नई वस्तुएं खरीद लाते है जो कि आपके लिए सही नहीं है।

घर की छतों पर रखें पानी का बर्तन

घर की छतों पर रखें पानी का बर्तन

वैसे तो आपको हर रोज ही अपने घर की छतों पर पानी और खाना रखना चाहिए। लेकिन यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो इस दौरान जरूर रखें जिससे आपके पूर्वजों और पक्षियों की भूख और प्यास बुझ सके। क्यूंकि ऐसी मान्यता है कि इस दौरान हमारे पूर्वज पक्षियों के रूप में भी आ सकते हैं।

सिर्फ काले तिल का करें प्रयोग

सिर्फ काले तिल का करें प्रयोग

पितृपक्ष में हिंदू समाज के लोग ब्रह्मणों को भोजन कराते है जो कि शुभ माना जाता है। पितृपक्ष के दौरान सिर्फ काले तिल का ही प्रयोग करें क्यूंकि इस दौरान काले तिल से तृपण करने से पितरों को शांति मिलती है।

पितृपक्ष के दौरान ना खाएं ये चीजें

पितृपक्ष के दौरान ना खाएं ये चीजें

पितृपक्ष के दौरान आपको कई चींजों को खाने से बचना चाहिए जैसे सरसों का साग, जीरा, काला नमक, लौकी, खीरा आदि। मान्यता है कि इस दौरान इन चीजों को खाना अशुभ होता है। और इस दौरान मांस या शराब का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए। इससे आपके घर में अशांति आती है।

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    English summary

    avoid these types of mistake during pitru paksha

    In Hinduism the pitru paksha is very much respected to please his ancestors with respect. Paternalism is of great importance in Hinduism.During pitru paksha prosperity is maintained in the house by making the prayers of their patraguns.
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