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OMG! रिसर्च में ये क्या बोला.... मिल्कशेक हेल्दी नहीं है?
कल्पना कीजिये, आप गर्मियों के दिनों में कहीं घूमने जाते हैं और आपको ऐसी जगह दिखती है जहाँ फलों से बने मिल्कशेक बेचे जा रहे हैं और आप अपने आप को रोक नहीं पाते हैं। हम में से अधिकाँश लोग तुरंत ही वहां जाकर एक गिलास का ऑर्डर देंगे, है न? खैर, स्वादिष्ट मिल्कशेक पीना किसे अच्छा नहीं लगता!
ठंडा, गाढ़ा और मीठा यह ड्रिंक अक्सर हम सबको आकर्षित कर लेता है। आजकल तो मिल्कशेक के कई प्रकार मिलते हैं जिन्हें न कह पाना बहुत कठिन होता है।
फलों से बनने वाले मिल्कशेक जैसे आम, स्ट्रॉबेरी, अवोकेडो, बनाना (केला) आदि के अलावा कुछ अन्य फ्लेवर भी उपलब्ध हैं जैसे चॉकलेट, कॉफ़ी तथा अन्य!

हम में से अधिकाँश लोगों को कोई एक फ्लेवर बहुत पसंद होता है और इसे पीने का अवसर मिले तो उस अवसर को हम कभी अपने हाथों से जाने नहीं देते! वास्तव में, हम में से अधिकाँश लोग सोचते हैं कि मिल्कशेक स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं, विशेष रूप से फलों से बने मिल्कशेक क्योंकि हम सोचते हैं कि ये केवल फल और दूध से बने होते हैं। कई बार तो यह भी देखने मिलता है कि लोग "मिल्कशेक डाईट" करते हैं यह सोचकर कि ठोस पदार्थ खाने की तुलना में यह बेहतर होते हैं!
हालाँकि मिल्कशेक फ्रूट जूस (फलों के रस) की तरह नहीं होते अत: "मिल्कशेक डाईट" पर जाना व्यर्थ और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। अब जैसा कि हम जानते हैं आयुर्वेद एक प्राचीन भारतीय औषधि विज्ञान है जिसने कई बीमारियों के उपचार और उनकी रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है चाहे वह सिरदर्द हो या घातक बीमारी कैंसर! आयुर्वेद के क्षेत्र में हाल ही में विशेषज्ञों द्वारा किये गए अध्ययन से पता चला है कि नियमित तौर पर मिल्कशेक पीने से स्वास्थ्य को बहुत नुकसान हो सकते हैं। इस लेख में देखें कि कैसे मिल्कशेक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
मिल्कशेक स्वास्थ्य को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं? अब हम जानते हैं कि मिल्कशेक दूध के साथ चीनी और फल मिलाकर बनाया जाता है, है न? या तो दूध के साथ चॉकलेट या अन्य कोई पदार्थ मिलाकर जो दूध का फ्लेवर बन जाता है। हम में से अधिकाँश लोग सोचते हैं कि मिल्कशेक स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं क्योंकि वे फल और दूध से बने होते हैं और ये दोनों ही पदार्थ स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं। परन्तु इस विषय में आयुर्वेद का अलग मत है।

आयुर्वेद के अनुसार कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं जिन्हें किसी अन्य खाद्य पदार्थ के साथ खाने से स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। केवल ये पदार्थ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकते हैं। फल और दूध भी ऐसा ही एक संयोजन है।
अत: क्योंकि मिल्कशेक दूध और फलों से बने होते हैं अत: आयुर्वेद के अनुसार ये स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं विशेष रूप से आपके पाचन तंत्र पर। फल और दूध सुसंगत (जिनका सेवन एक साथ किया जा सके) खाद्य पदार्थ नहीं है।

अत: जब इनका सेवन एक साथ किया जाता है तो ये आँतों में फ़र्मेंट (किण्वन) से गुज़रते हैं जिसके कारण गैस्ट्रेटिस, पेट फूलना और एसिडिटी जिसे समस्याएं हो सकती हैं, विशेष रूप से तब जब इनका सेवन नियमित तौर पर किया जाए।
जैसा कि डॉ. वसंत लाड द्वारा लिखी गयी पुस्तक "द कंप्लीट बुक ऑफ़ आयुर्वेदिक होम रेमेडीज" में बताया गया है कि मिल्कशेक पेट के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकते हैं, विशेष रूप से बनाना मिल्क शेक (केले से बना मिल्क शेक) और मैंगो मिल्कशेक (आम का मिल्कशेक) क्योंकि इसके फ़र्मेंटेशन की दर बहुत तीव्र होती हैं।
वास्तव में बनाना मिल्कशेक साइनस ग्रंथियों को प्रभावित करते हैं जिसके कारण ज़ुकाम और साँस की तकलीफ भी हो सकती है! अत: निष्कर्ष यह है कि आयुर्वेद के अनुसार नियमित तौर पर मिल्कशेक का सेवन करने से स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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