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संक्रामक रोगों ने पैर पसारे, कैसे करें परहेज
(आईएएनएस/आईपीएन)। भीषण गर्मी में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है। प्रदेश भर में सफाई व्यवस्था को लेकर बुरे हालात हैं और हर जगह से शिकायतें आ रही हैं। कूड़े, गंदगी, पानी आदि का सही निस्तारण नहीं होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ती जा रही हैं। प्रचंड लू के साथ गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। जिला अस्पतालों में उल्टी, हैजा, गेस्ट्रो आदि के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
स्वास्थ्य महकमे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। कई जगह अस्पतालों के संक्रामक सेल को सक्रिय कर दिया गया है। साथ ही दवा का स्टोरेज भी बढ़ा दिया गया है। वहीं, संक्रमण की सूचनाएं भी लगातार ली जा रही है। किडनी को साफ-सुथरा रखे ये आहार
इसके अलावा चिकित्सक संक्रामक रोगों से बचाव के लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। रोजमर्रा की दिनचर्या में अगर खान-पान में सावधानी बरती जाए तो संक्रामक रोगों को फैलने से रोका जा सकता है।

चिकित्सकों की सलाह :
-डायरिया होने पर तुरंत ओआरएस का घोल पीएं।
-नजदीकी अस्पताल में चेकअप कराएं।
-नमक और चीनी का घोल पीएं।
-खाने से पहले, शौच के बाद हाथ धोएं।
-खाने-पीने का सामान ढक कर रखें।
-ताजा भोजन करें।
-पीने के रखे पानी में क्लोरीन डालें।
-मक्खी और गंदगी से दूर रहें।
इन आदतों से करें परहेज :
- बासी खाना नहीं खाएं।
- पानी के स्रोतों के पास रोगी के बर्तन, कपड़े न धोएं।
- कटे, सड़े फल, खुली मिठाई, गन्ने का रस न पीएं।
- रोगी के बर्तन, कपड़े, स्वस्थ व्यक्ति न इस्तेमाल करें।
- गोबर, मलमूत्र को खुले में न पड़ा रहने दें।
- डायरिया होने पर पानी पीना बंद न करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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