नई मांओं के ल‍िए ब्रेस्टफीडिंग की ईजी टेक्निक है डांसर हैंड पॉजिशन, जानें इसके फायदे

जब एक औरत पहली बार मां बनती है तो बच्चे के पालन-पोषण से जुड़ी हर चीज उसके लिए नए अनुभव की तरह होती है। और जब बात ब्रेस्टफीडिंग की हो, तो कई मांओं को अपने बच्चों को फीडिंग कराने के प्रभावी तरीके नहीं पता होते हैं। एक्सपर्टस की मानें तो कोई भी रेंडम कंफर्टेबल पॉजिशन में शिशुओं को फीडिंग कराना सही नहीं है। इसकी बजाय आप विभिन्न निर्धारित पॉजिशंस का उपयोग कर सकती हैं। इस आर्टिकल में, हम आपको डांसर हेड पॉजिशन के बारे में बताने जा रहे है, जो बच्चों को ब्रेस्टफीडिंग कराने के लिए एक उचित टेक्निक है।

डांसर हैंड पॉजिशन क्या है?

डांसर हैंड पॉजिशन क्या है?

डांसर हैंड पॉजिशन, नवजात शिशुओं की माताओं के लिए ब्रेस्टफीडिंग कराने की एक बड़ी ही आसान-सी टेक्निक है। जो उन मांओं के लिए बहुत फायदेमंद है जिनके बच्चे समय से पहले या डाउन सिंड्रोम जैसी स्थितियों के साथ पैदा होते हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जिसे हर माँ को सिखाया जाना चाहिए ताकि वे इसका प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें और दूसरी मांओं को भी इस बारे में जानने में मदद कर सकें।

आपको इस पोजीशन का इस्तेमाल कब और क्यों करना चाहिए?

आपको इस पोजीशन का इस्तेमाल कब और क्यों करना चाहिए?

ब्रेस्टफीडिंग कराने के दौरान माताओं को अपने बच्चों को सही ढंग से पकड़ने में हमेशा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में डांसर हैंड पॉजिशन बच्चे पर अच्छी पकड़ बनाने और ब्रेस्ट फीडिंग के दौरान उनकी पीठ को उचित सहारा देने के लिए किया जा सकता है। यह उन माताओं के लिए बहुत फायदेमंद है जिनके बच्चे एक्सपेक्टेड डेट से पहले पैदा हुए हैं या उन्हें डाउन सिंड्रोम है।

डांसर हैंड पॉजिशन के फायदे

डांसर हैंड पॉजिशन के फायदे

- यह समय से पहले जन्मे बच्चों को दूध पिलाने की प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद करता है।

- अनुचित ढंग से फीडिंग करने वाले शिशुओं को डांसर हैंड पॉजिशन के जरिए पोषण मिल सकता है।

- यदि शिशुओं में गैगिंग रिफ्लेक्स कमजोर है, तो इस पॉजिशन का उपयोग किया जा सकता है।

- जब शिशुओं में मांसपेशियों की टोन कमजोर होती है, तो डांसर हैंड पॉजिशन के जरिए उन्हें फीड कराना आसान हो जाएगा।

- यदि बीमारी बच्चे के उचित पोषण में बाधा डालती है, तो इसमें डांसर हैंड पॉजिशन सहायक हो सकती है।

- विकलांग बच्चे बिना किसी मदद के मिल्क सकिंग नहीं कर सकते है, ऐसे में ये टेक्निक उनकी सहायता कर सकती है।

- कटे होंठ वाले बच्चों को भी इस पोजीशन से दूध पिलाने में मदद मिलेगी।

कैसे करें इस टेक्निक का उपयोग

कैसे करें इस टेक्निक का उपयोग

1. अपना हाथ अपने ब्रेस्ट के नीचे रखें और इसे तीन अंगुलियों से सहारा दें।

2. अपने अंगूठे और तर्जनी का उपयोग करके अपने बच्चे की ठुड्डी को पकड़ने के लिए U आकार बनाएं और अपने अंगूठे और तर्जनी से अपने बच्चे के गालों को दबाएं।

3. इस तरह, आपका शिशु आपके निप्पल को दबाकर मिल्क सकिंग कर पाएगा।

4. बेहतर पकड़ के लिए, अपने बच्चे को उसी स्थिति में अपने पास रखें; इससे बेहतर नर्सिंग में भी मदद मिलेगी।

टू फिंगर डांसर हैंड पॉजिशन क्या है?

जब बच्चे की ठुड्डी को सहारा देने की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन उनके गालों की टोन कम होती है, तो थोड़ी अलग फीडिंग टेक्निक का उपयोग किया जा सकता है। शिशु को दूध पिलाने के लिए झुकी हुई पॉजिशन सही मानी जाती है। जिसमें मां को कमर के बल सोकर बच्चे को पेट पर लेटाना चाहिए। बच्चे को दूध की सप्लाई बराबर हो इसके लिए माँ अपनी तर्जनी और मध्यमा अंगुली का उपयोग करती है। वह दूसरे जोड़ पर दोनों अंगुलियों को अंदर की ओर घुमाती है, और सपाट भाग को बच्चे के मुंह में डाल देती है।

ब्रेस्टफीडिंग के लिए टू फिंगर डांसर हैंड कैसे ट्राई करें?

टू-फिंगर डांसर हैंड पोजीशन काफी हद तक थ्री-फिंगर के समान होती है, लेकिन इसमें आपके बच्चे को आपके पेट के ऊपर झुकाना चाहिए ताकि बच्चे की ठुड्डी को सहारा देने की जरूरत न पड़े। माताएं आसानी से इस ब्रेस्टफीडिंग पद्धति को आजमा सकती हैं और बच्चे को उचित पोषण मिल सकें यह सुनिश्चित कर सकती हैं।

पहली बार मां बनना एक अद्भुत अनुभव है; हालाँकि, यह खुशी कई चुनौतियों के साथ आती है, और शिशु को ठीक से पोषण देना उनमें से ही एक है। इसलिए अपने बच्चे की ज़रूरतों के अनुसार सही ब्रेस्टफीडिंग टेक्निक का प्रयोग करें और उन्हें एक स्वस्थ और सुखी जीवन का उपहार दें।

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